शिमला। प्रदेश हाईकोर्ट ने प्‍लास्टिक  में पैक की जाने वाले जंक फूड  की बिक्री पर पाबंदी लगाने की सरकार की  अधिसूचना पर  9 दिसबंर तक स्‍टे बढ़ा दी है। अदालत ने केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए समय दिया है।

सरकार ने 26 जून को एक अधिसूचना जारी कर चिप्‍स,कुरकुरे,बिस्‍कुट व नूडल्‍ज समेत 25 प्‍लास्टिक में पैक  होने वाली आइटमों की बिक्री पर 1 जुलाई से पाबंदी लगा दी थी। सरकार ने ये प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की पालना  करते हुआ किया था।

. जस्टिस संजय करोलऔर जस्टिस राजीव शर्मा की खंडपीठ  ने याचिकाकर्ताओं को आदेश दिए है कि वह 9 दिसबंर. तक अपनी दलीलें  अदालत केसमक्ष पेश करदे। उसके बाद स्‍थगन नहीं मिलेगा।हाईकोर्ट ने ये आदेशसंयुक्‍त व्‍यापार  मंडल खलीनी,इंडियन बिस्‍कुट मैन्‍युफैक्‍चर्ज एसोसिएशन नोएडा वहोली इंडस्‍ट्रीज एसोसिएशन टाहलीवाल ऊना कीओर से दायर याचिका की सुनावाई करते हुए दी।इससेपहले हाईकोर्ट ने तीन सितबंर को सरकासर की अधिसूचना  पर 19 नवंबर तक स्‍टे दे दिया था।

1जनवरी2013 को पद्रेश हाईकोर्ट ने 1 अप्रैल से 25 आइटमों कीबिक्रीपर1अप्रैल से पांबदी  लगाने के आदेश दिएथे।  लेकिन सरकार ने इस कारोबार में लगे छह हजार कामगारों के भविष्‍य का हावाला देकर पाबंदी लगाने के लिए समय आगे बढ़ाने का आग्रह किया था।