शिमला। बेटियों को जन्‍म देने से खफा परिवार वालों की ओर से कत्‍ल कर दी गई  ठियोग की एक महिला के माता- पिता ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। चौपाल की खदर पंचायत के 52 वर्षीय छज्‍जू राम व उनकी पत्‍नी नाजकू देवी ने कहा कि वो मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह, चौपाल के विधायक बीरबल वर्मा के अलावा पुलिस अफसरों के दरवाजों पर भी दस्‍तक दे चुके है  लेकिन बावजूद इसके उनकी लाडली के कातिल खुलेआम घूम रहे है।

खेती बाड़ी कर गुजारा करने वाले छज्‍जू राम ने यहां संवाददाता सम्‍मेलन में कहा कि उनकी बेटी रमा देवी की शादी ठियोग के गांव शाय कुठार में चानन सिंह के साथ हुई थी। उसके तीन बेटियां हुई और एक बेटा। बेटे  की  जन्‍म के बाद ही मौत हो गई। बेटियों को जन्‍म देने के लिए उसे तंग किया जाने लगा और 9 दिसबंर 2012  को उसका कत्‍ल कर दिया। उन्‍हें गांव के लोगों ने इसकी जानकारी दी तो उन्‍होंने चानन सिंह व उसके परिवार वालों को लाश को न उठाने के लिए कहा।  लेकिन बावजूद इसके लाश को मौके से उठा दिया गया। ससुराल वाले लाश को जलाने वाले ही थे  लेकिन तब तक वो पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। लाश  का  पोस्‍टमार्टम किया गया। रमा की चेहरे और कान के पास चोटों के निशान थे।

 

इसके बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही  एफआईआर दर्ज की। छज्‍जू  राम ने कहा कि उन्‍होंने एसपी से फरियाद की तो 31 मार्च 2013 को धारा 302  के तहत मामला दर्ज किया गया। तब से लेकर कहीं कुछ नहीं हुआ है।20 अप्रैल  को  वीरभद्र सिंह को भी चिटठी लिखी गई लेकिन पुलिस की जांच की गति नहीं सरकी ।

 

छज्‍जू राम ने कहा कि एक वकील भी उनसे सात हजार रुपए  ये कह कर ले गया कि वो मामले से जुड़े दस्‍तावेज निकाल कर उन्‍हें न्‍याया दिलाएगा। लेकिन कहीं कुछ नहीं हुआ।उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है इसलिए मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।

 

बेटियां ढूंढने में महिला आयोग देगा दखल

 रमा देवी की तीन बेटियों नौ साल की सुमन,7 साल की वीपना और 4 साल  की दीपना की बेटियों को पता लगाने के लिए महिला आयोग दखल देगा। आयोग  की अध्‍यक्ष धनेश्‍वरी ठाकुर ने कहा कि आयोग इस मामले की छानबीन करेगा और तीनों बेटियों का पता लगाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। छज्‍जू राम और नाजकु देवी ने पत्रकारों से कहा कि था कि रमा देवी की तीनों बेटियों के बारे में उन्‍हें कुछ पता नहीं है। उन्‍हें उनसे एक अरसे से मिलने नहीं दिया गया है। गांव के लोगों से पता चला है कि उन्‍हें जुन्‍गा भेज दिया गया है।छज्‍जू  राम ने कहा कि  कोई कहता है कि उन्‍हें ऊना भेजा गया है। थाना ठियोग के कायर्कारी एसएचओ जोगेंद्र ने कहा कि बेटियां तो पिता के साथ ही होनी चाहिए।  एसएचओ बलदेव  ठाकुर  का तबादला हो गया है। बलदेव ठाकुर ने कहा कि जब वो जांच  कर रहे थे बेटियां चानन सिंह के पास ही थी।उन्‍होंने कहा कि फारेसिंक की रिपोर्ट आनी  थी। जहां तक उन्‍होंने जांच की उसमें कत्‍ल नहीं लग रहा है।