शिमला।द ग्रेट खली के पावंटा के सूरजपुर में 16 बीघा नहरी(सिचिंत) जमीन में से आठ बीघा जमीन का घोटाला करने के मामले की प्रारंभिक जांच रपट एसडीएम पांवटा गुजीत सिंह चीमा ने डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा को सौंप दी है। समझा जा रहा है कि इस जांच रपट में कुछ तो सामने आया है। हालांकि इस जांच रपट में क्‍या है इसका खुलासा नहीं हुआ है लेकिन अगर गड़बड़ सामने आई तो ये सुक्‍खू सरकार की कारगुजारियों का भंडा फोड़ने वाली हैं।

इस बावत जब एसडीएम पांवटा चीमा से पूछा गया तो उन्‍होंने reporterseye.com/ से कहा कि उन्‍होंने प्रारंभिक जांच कर प्रारंभिक रपट डीसी को सौंप दी है।

इसके अलावा उन्‍होंने 16 जनवरी को डीसी को एक और चिटठी लिख कर आग्रह किया है कि इस मामले में निशानदेही के लिए पांवटा से बाहर की तहसीलों के राजस्‍व अधिकारियों की एक टीम उन्‍हें दी जाए ताकि स्‍वतंत्र तौर निशानदेही हो सके और मामले की तह तक जाया जा सके।  

चीमा ने कहा कि उनने खली को कहा है कि अगर निशानदेही के लिए वो अपनी ओर से कोई दो नाम राजस्‍व विशेषज्ञों के देना चाहे तो वो इन नामों को भेज सकते है।

 

याद रहे इस मामले खली जिस तहसीलदार पर घपला करने का इल्‍जाम लगा रहे है प्रशासन ने उसकी शक्तियां पहले ही छीन ली है। लेकिन उसका तबादला नहीं किया है और न ही उसकी संपतियों की जांच की जा रही है जैसे की खली मां कर रहा हैं।

उधर, जब खली से ये पूछा गया कि क्‍या उनने अपनी ओर से कोई राजस्‍व विशेषज्ञों ने नाम प्रशासन को भेजे हैं तो खली ने कहा कि विशेषज्ञ तो सरकार के पास है। उनके आदेशों से थोड़े ही कोई निशानदेही करने आ जाएगा। सरे विशेषज्ञा सरकार के अधीन है वो उनकी थोड़े ही न सुनेंगे।उनका तो एसडीएम पर भी भरोसा है। वो बस उनकी जमीन के मामले में जो तहसीलदार और बाकियों ने मिलीभगत कर जो हेरफेर कर रखा है उसे पहले जैसा कर दें। और वो कुछ नहीं चाहते हैं। वो विशेषज्ञ कहां से लाएंगे।

एसडीएम ने ये भी कहा कि उनने खली समेत सभी पक्षों से उन्‍हें मामले से जुड़े दस्‍तावेज 15 जनवरी तक मुहैया कराने का आग्रह किया था लेकिन खली की ओर से दो बार रिमांइडर भेजने के बाद ये कागजात 29 दिसंबर 2025 को भेजे गए। तमाम दस्‍तावेजों की पड़ताल करने के बाद उनने 16 जनवरी 2026 को प्रारंभिक जांच डीसी को सौंप दी हैं।

चीमा ने कहा कि 6 जनवरी को उनके पास शिकात आई थी व उनने दस जनवरी को सभी पक्षों को सम्‍मन भेज दिए थे लेकिन उनको खली की ओर से दस्‍तावेज देरी से मिले  

याद रहे इस घोटाले ने प्रदेश भर में राजस्‍व विभाग के अफसरों व कर्मचारियों की ओर से किए जाने वाले घोटालों का पर्दाफाश कर दिया है लेकिन सुक्‍खू सरकार की ओर से इस दिशा में ज्‍यादा कुछ नहीं किया जा रहा है।  जब ग्रेट खली जैसे हाई प्राफाइल शख्सियत के मामले में कांड किया जा सकता है तो फिर बाकियों के साथ क्‍या हो रहा होगा इइसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल काम नहीं हैं।

 

 

खली की जमीन पर क्‍यों लगी नज़र

कहा जा रहा है कि खली ने जो जमीन खरीदी है, उस पर उसके साथ की जमीनों पर प्रापर्टी डीलरों की नजर लग गई है। पहले इसकी वैल्‍यू ज्‍यादा नहीं थी लेकिन अब एक तो नदी चौनलाइज हो गई है। इसके अलावा यहां पर पुल बन गया है और कुछ दूरी पर सड़क भी बन गई है। जिससे नजदीक  के शहर की दूरी दो किलोमीटर रह गई है। इसीलिए ही प्रापर्टी डीलर और बाकी पैसा कमाने पर आ गए है। ऐसा नहीं है कि केवल खली ही ही जमीन को हिलाया गया हो।खली ने दावा किया कि करीब सौ लोगों को तो वो ही साथ ला सकते है जिनके साथ राजस्‍व विभाग ने ठगी की है।

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