शिमला। जिला बिलासपुर के झ़डुता के बालूघाट के समीप शकुर खडड के पास बीती शाम साढ़े छह बजे के करीब एक निजी बस के भूस्‍खलन के मलबे के नीचे दब जाने से मलवे में दबे एक आठ साल के बच्‍चे का तलाशी अभियान आधी रात को रोकना पड़ा। इस बच्‍चे की तलाशी के लिए बचाव व राहत कार्य सुबह  साढ़े सात बजे दोबारा शुरू कर दिया है।

Shocking News:झंडुता में भूस्‍खलन की चपेट में आई यात्रियों से भरी निजी बस,15 की मौतें,

 

एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने https://reporterseye.com से जानकारी साझा करते हुए कहा कि रात को ढाई बजे के करीब बारिश की वजह से घटना स्‍थल पर ऊपर से पत्‍थर व मलवा गिरना शुरू हो गया। जिसकी वजह से राहत व बचाव कार्य रोकना पड़ा। मलवे के नीचे एक आठ साल के बच्‍चे के दबे होने की जानकारी है।

ज्ञात हो कि इस बस में यात्रा कर रहे यात्रियों के परिजनों में से एक परिवार ने कहा कि उनका आठ साल का मासूम कहीं मिल नहीं रहा है। इसी बच्‍चे की तलाश में रात भर तलाशी अभियान चलता रहा। लेकिन रात ढाई बजे तक इस बच्‍चे का कुछ पता नहीं चल पाया।

एसपी धवल ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि सुबह छह बज कर 40 मिनट से तलाशी अभियान दोबारा शुरू कर दिया है।

उधर, इस हादसे में मारे में 15 यात्रियों के पोस्‍टमार्टम का काम बरठीं के अस्‍पताल में सुबह सात बजे ये शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने मृतकों के शवों का पोस्‍टमार्टम करने के लिए अतिरिक्‍त डाक्‍टरों का इंतज़ाम किया है ताकि पोस्‍टमार्टम की कार्यवाही को जल्‍दी से निपटाकर शवों को परिजनों के हवाले किया जा सके।

एसपी धवल ने कहा कि साढ़े दस बजे तक सभी 15 शवों का पोस्‍टमार्टम कर दिया जाएगा।बरठीं अस्‍पताल के  सीएमओ ने प्रशासन को इस बावत भरोसा दिया है।

 

याद रहे बीती शाम को झंडुता के बालुपुल के पास यात्रियों से भरी निजी बस ऊपर से दरकी पहाड़ी के मलवे के नीचे दब गई थी। इस हादसे में 15 यात्रियों की मौके पर मौत हो गई थी जिनमें नौ पुरुष,चार महिलाएं और दो बच्‍चे शामिल हैं। दो बच्‍चों को घायलावस्‍था में एम्‍स बिलासपुर के रेफर कर दिया था जिनका ईलाज चल रहा है। जबकि एक आठ साल का बच्‍चा अभी भी मलवे में कहीं दबा पड़ा है।

हादसे ने दो परिवारों के चार-चार सदस्‍यों की जानें लील ली है। इनका सब कुछ ही तबाह हो गया है।

राहव व बचाव कार्य के लिए स्‍थानीय लोगों, पुलिस प्रशासन के अलावा एनडीआरएफ की टीमें भी रात भर जुटी रही। एनडीआरएफ की टीम अपने साथ खोजी कुतों को लाई थी। जेसीबी की मदद से बस के ऊपर से मलवा हटाया गया।

 

उधर हादसे की जानकारी मिलने के बाद उप मुख्‍य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री जिनके पास परिवहन महकमे की जिम्‍मेदारी भी है वो कुल्‍लू  दशहरा के समापन समारोह को बीच में ही छोड़ कर हादसा स्‍थल के लिए रवाना हो गए। वो मौके पर पीडि़तों से मिले और राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्‍होंने रात को ही प्रशासन को मृतकों के शवों का पोस्‍टमार्टम करने के आदेश दिए ताकि सुबह साढ़े दस बजे तक शवों को परिजनों को सौंपा जा सके।

उन्‍होंने इस हादसे की विशेष जांच के आदेश भी दिए। इस दौरान उनके साथ जिला बिलासपुर के भाजपा के विधायक रणधीर शर्मा,त्रिलोक जम्‍वाल के अलावा बड़सर से विधायक इंदर दत लखनपाल,संजीव कटवाल व बाकी नेता भी मौजूद रहे।

इस हादसे पर राष्‍ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जगत प्रकाश नडडा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा तमाम नेताओं ने शोक व्‍यक्‍त किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे में मारे गए मृतकों के परिजनों को दो -दो लाख रुपए और घायलों को पचास -पचास हजार रुपए की राहत राशि देने का एलान किया है।