शिमला।चीन ने वाशिंगटन (अमेरिका) के साथ दुनिया भर में चल रहे कारोबारी विवादों के बीच आयात होने वाले अमेरिकी उत्‍पादों पर लगाए जाने वाले टैरिफ को 125 फीसद तक बढ़ा दिया हैं।  अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंच ने दुनिया भ्‍र के देशों पर आयात होने वाले उत्‍पादों पर टैरिफ लगा कर कारोबारी दुनिया में कोहराम मचा रखा हैं।

चीन की ओर से अमेरिकी उत्‍पादों के आयात पर टैरिफ को 125 फीसद तक बढ़ा देना अमेरिकी दादागिरी के लिए लिए चीन की सीधी चुनौती माना जा रहा हैं।

हालांकि टैरिफ को 84 फीसद से 125 फीसद करने की घोषणा के से कुछ समय पहले ही चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने साफ किया था कि टैरिफ को लेकर अमेरिका की ओर से शुरू किए गए वार में कोई भी जीतने वाला नहीं हैं।

ट्रंप  के टैरिफ वार के खिलाफ दुनिया के बाकी देशों को लामबंद करने के लिए चीन ने अपने तौर पहल कर दी हैं। उन्‍होंने स्पेन के प्रधानमंत्री के साथ एक बैठक की और अमेरिका की ओर से धमकाने के विरोध में यूरोपीय संघ को अपनी तरफ करने की कोशिश की।

चीन के वाणिज्‍य मंत्रालय ने शुक्रवार को एलान कर दिया कि वो अंत तक लड़ने के लिए तैयार हैं और इस टैरिफ के बाद चीन के बाजार अमेरिकी उत्‍पादों के लिए करीब-करीब बंद ही हो गए हैं।

साफ है चीन और अमेरिका के बीच कारोबारी वार चरम की ओर बढ़ रहा हैं और आने वाले दिनों में इसके तेज होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

यदि अमेरिका अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले चीनी सामानों पर टैरिफ लगाना जारी रखता है, तो चीन इसे अनदेखा कर देगा,” इसने संकेत दिया कि आने वाले समय में अन्य जवाबी उपाय भी होंगे।

चीन ट्रंप की ओर से बढ़ाए जा रहे टैरिफ को लेकर दुनिया भर के तमाम देशों के समकक्षों से बातचीत कर रहे हैं।

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