विशेषवर नेगी 

किन्नौर।पावर कारपोरेशन के पूर्व चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत को लेकर सुक्‍खू सरकार की ओर से की जा रही जांच को उनके परिवार के सदस्‍यों ने कटघरे में खड़ा कर दिया है।साथ ही पांच मार्च को रिकांगपियों में किन्‍नौर की जनता की लामबंदी को लेकर कैंडल मार्च निकालने का एलान कर साफ संदेश दे दिया है कि इस मौत के लिए जिम्‍मेदार गुनाहगारों को आसानी से नहीं छोड़ा जाएगा।

उनके परिवार के सदस्‍यों ने डर जताया है कि राजनीतिक और नौकरशाही दबाव न्याय में बाधा डाल सकते हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।

दिवंगत विमल नेगी की पत्‍नी किरण नेगी और विमल नेगी के बड़े भाई सुरेंद्र नेगी के हवाले से कहा गया है कि मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्‍खू के आश्‍वासन का सम्‍मान करते हुए उन्‍होंने पंद्रह दिनों तक इंतजार कर लिया है लेकिन कहीं कुछ होता नजर नहीं आ रहा हैं। आइएएस ओंकार शर्मा की रपट भी पंद्रह दिनों के भीतर सौंपी जानी हैं।

उन्‍होंने कहा कि परिवार के सदस्यों के नेतृत्व में निकाले जाने वाले इस मार्च का उद्देश्य राजनीति से ऊपर उठकर सभी समुदायों के लोगों को सत्य और निष्पक्षता के लिए एक साथ लाना है। मार्च के दौरान मामले की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की रणनीतियों पर भी विमर्श किया जाएगा।

 

उनके हवाले से कहा गया है कि मौजूदा हालात के मददेनजर इस मामले  में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रहा है। ताकि सीबीआइ जांच का रास्‍ता प्रशस्‍त कराया जा सके। उन्‍होंने कहा कि केवल स्वतंत्र जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है।

उन्‍होंने कहा कि उनका उद्देश्य न केवल विमल नेगी को न्याय दिलाना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी और को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। वे भ्रष्टाचार को उजागर करने और प्रभावशाली लोगों को ईमानदार और समर्पित व्यक्तियों के खिलाफ अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने से रोकने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। किरण नेगी और सुरेंद्र नेगी ने स्पष्ट किया है कि यह मार्च किसी राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा नहीं है; यह पूरी तरह से सच्चाई और ईमानदारी की लड़ाई है।

 

किन्‍नौर की आवाम का आहवान

उन्होंने किन्नौर के लोगों से बड़ी संख्या में भाग लेने और न्याय के लिए एक साथ खड़े होने का आग्रह किया है। अपनी ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्य की भावना के लिए जाने जाने वाले किन्नौर के लोगों को इन मूल्यों को बनाए रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विमल नेगी जैसे ईमानदार व्यक्तियों को कभी भी भ्रष्टाचार या दबाव के आगे झुकना न पड़े। यह कैंडल मार्च सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं है – यह समाज में न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही को बनाए रखने का आंदोलन है।

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