शिमला।  बर्फबारी की चेतावनी और राजधानी में सैलानियों के लिए तमाम अटे पड़े होटलों के बीच हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से एसएएस के पदों के लिए 29 तारीख को रखी परीक्षा को टालने की मांग हो गई है।

  हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सेक्‍शन अफसरों की भर्ती के लिए विभिन्‍न विभागों में नियुक्‍त पात्र कर्मचारियों से आवेदन मांगे थे। पहले ये परीक्षा 22 दिसंबर को रखी गई थी। चूंकि इस बीच धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया तो अभ्‍यर्थियों ने आयोग से मांग की कि वो तो विधानसभा की डयूटी में है। ऐसे में उनका परीक्षा देना मुमकिन नहीं है। इसलिए इस परीक्षा को टाल दिया जाए।

आयोग की सचिव निवेदिता नेगी ने भी माना कि पहले ये परीक्षाएं 22 दिसंबर को रखी गई थी लेकिन इसे स्‍थगित कर दिया गया। उन्‍होंने कहा कि अभी तो मौसम अच्‍छा है।

 

आयोग ने 22 दिसंबर को होने वाली इस परीक्षा को टाल दिया  था और परीक्षा की नई तारीख 29 दिसंबर तय कर दी।

आयोग की ओर से नई तारीख तो तय कर दी लेकिन इन परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र राजधानी में आयोग मुख्‍यालय  के अलावा राजधानी में कई जगहों पोर्टमोर, टूटू, लालपानी स्‍कूल आदि में ही रखे गए है।  ऐसे में प्रदेश के विभिन्‍न जिलों से आने वाले आवेदकों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है।  बीते दिनों राजधानी समेत कई इलाकों में बर्फबारी हो गई और दर्जनों सड़कें बाधित हो गई। लाहुल स्पिति में तो पुलिस ने वाहनों को धक्‍के दे –दे कर निकाला।

अभी भी कई जगहों पर सड़कें पूरी तरह से बहाल नहीं हुई है। लेकिन अभ्‍यर्थियों की बड़ी चिंता ये है कि मौसम विभाग ने आगामी 27 और 28 दिसबर को भी मौसम खराब होने व बर्फबारी व बारिश की भविष्‍यवाणी की है। अगर ऐसे में तब रास्‍ते बंद हो गए तो ये अभ्‍यर्थी परीक्षा केंद्र तक कैसे पहुंचेंगे और पहुंच गए तो वापस कैसे जाएंगे

यहां रुकना पड़ा तो रुकेंगे कहां। क्‍योंकि होटल और होम स्‍टे तो नए साल के जश्‍न के लिए आए सैलानियों से अटे पड़े हुए है। इन तमाम अंदेशों के बीच अभ्‍यर्थियों से दर्जनों ईमेल संदेशों के जरिए इस परीक्षा को टालने की फरियाद  आयोग के अध्‍यक्ष से की है।

उधर, इस बावत आयोग की सचिव निवेदिता नेगी से reporterseye.com ने बात की। उन्‍होंने कहा कि इस तरह की ईमेल उन्‍होंने अभी देखी नहीं है। हालांकि आज तो मौसम ठीक है। अगर ऐसी कोई ईमेल आई होंगी और मौसम को लेकर कुछ अंदेशा हुआ तो इस मामले को आयोग के समक्ष रखा जाएगा व तब कोई फैसला लिया जाएगा।