शिमला। हिमाचल कांग्रेस पार्टी की राज्‍य अनुशासनात्‍मक समिति की मुखिया व पूर्व सांसद विप्‍लव ठाकुर ने दो टूक कह दिया है कि विधानसभा से अयोग्‍य ठहराए गए छह विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्‍यता से बाहर करना उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आता हैं।

विधायकों व अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सदस्‍यों व पदाधिकारियों को पार्टी से हटाने का काम कांगेस की राष्‍ट्रीय स्‍तर पर गठित अनुशासनात्‍मक समिति ही करती हैं। इस बावत क्‍या हुआ ये उन्‍हें पता नहीं हैं। सुधीर शर्मा को एआइसीसी के पद से आलाकमान ने हटा दिया हैं।

 उनसे पूछा गया था कि स्‍पीकर ने छह कांग्रेस विधायकों की विधानसभा सदस्‍यता रदद कर दी है। लेकिन उन्‍होंने राज्‍य अनुशासनात्‍मक समिति होने के मुखिया के तौर पर कोई भी कदम नहीं उठाया हैं।

पार्टी की तेज तर्रार नेता ने कहा कि ये मामला उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आता हैं। ये पूछे जाने पर कि सरकार को गिराने में पार्टी के बाकी नेताओं ने भी तो भूमिका निभाई होंगी। उनको लेकर भी तो कोई कार्यवाही नहीं हुई हैं। ठाकुर ने कहा कि उनके पास न कोई शिकायत नहीं आई हैं। अगर शिकायत आएंगी तो कार्यवाही की जाएगी।विप्‍लव ठाकुर ने कहा कि पार्टी अध्‍यक्ष के स्‍तर पर कुछ हो रहा होगा।