शिमला। राज्‍यसभा चुनावों को प्रभावित  व खरीद फरोख्‍त के आरोपों में पुलिस जांच का सामना कर रहे गगरेट से कांग्रेस के अयोग्‍य ठहराए गए विधायक चैतन्‍य शर्मा के पिता पूर्व आइएएस अधिकारी राकेश शर्मा 15 मार्च को सुबह पंचकूला के अस्‍पताल में दाखिल हुए और शाम को उन्‍हें छुटटी मिल गई।

इसी तरह इसी मामले में आरोपी ठहराए गए हमीरपुर से आजाद विधायक आशीष शर्मा भी गुड़गांव  के एक अस्‍पताल में 15 मार्च को सुबह दाखिल हुए व शाम को उन्‍हें छुटटी मिल गई।

ये खुलासा इन्‍होंने  आज हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए लगी जमानत अर्जी की दौरान पेश किए मेडिकल सर्टिफिकेट में किया हैं। मेडिकल सर्टिफिकेट में इन दोनों के लिए डाक्‍टरों ने सात –सात दिन  के आराम की सलाह दी हैं।  

ये दोनों के ही मेडिकल सर्टिफिकेट हरियाणा  के अस्‍पतालों से जारी हुए हैं। याद रहे कि हरियाणा में भाजपा की नायब सिंह सैणी की सरकार हैं।

 ये दोनों आरोपी अंतरिम जमानत पर है। इन्‍हें बीते रोज बालूगंज थाने में जांच में शामिल होना था लेकिन ये दोनों ही जांच में शामिल नहीं हुए। इनकी ओर  से बालूगंज थाने में बीते रोज 15 मार्च को वकील पेश हुए थे व बीमार होने का हवाला देकर जांच में शामिल होने में असमर्थ होने का आग्रह किया था।

आज 16 मार्च को अंतरिम जमानत पर अगली सुनवाई होनी थी। तो इन दोनों की ओर से कहा गया कि ये बीमार है व मेडिकल सर्टिफिकेट अदालत में पेश किए गए।

जिसका सुक्‍खू सरकार की ओर से जमकर विरोध किया गया । सरकार की ओर से पक्ष रखा गश्‍या किसरकार इन मेडिकल सर्टिफिकेट को वेरीफाई कराना चाहती हैं। सरकार को लगता है कि मेडिकल सर्टिफिकेट किसी तरह से लिए गए हैं।

चूंकि पिछली सुनवाई 12 मार्च को इन्‍हें इस शर्त पर अंतरिम जमानत दी गई थी कि ये 15 मार्च को बालूगंज थाने में हाजिर हो कर जांच में शामिल होंगे। लेकिन इन्‍होंने अदालत के आदेशों की अवहेलना की व जांच में शामिल नहीं हुए। इसलिए इनकी अंतरिम जमानत को रदद किया जाए।

इसके अलावा ये भी दलील दी गई कि ये लोग शिमला ही नहीं आए ऐसे में जो हलफनामा पेश किया गया है वह भी गड़बड़ लग रहा हैं।

 जबकि दूसरी ओर से कहा गया कि उनके मुवक्किल बीमार है व अगर वह ठीक हो जाते है तो बालूगंज थाने में जांच में शामिल हो जाएंगे। अन्‍यथा मुश्किल होगा। इस पर न्‍यायमूर्ति रंजन शर्मा ने इन दोनों की अंतरिम जमानत को आगली सुनवाई तक बढ़ा दिया व साथ ही राहत दे दी कि स्‍वस्‍थ होने पर ही ये जांच में शामिल हो । अगली तारीख एक अप्रैल को तय की गई हैं।

याद रहे शिमला पुलिस ने बालूगंज थाने में अयोग्‍य ठहराए गए गगरेट से कांग्रेस विधायक चैतन्‍य शर्मा के पिता राकेश शर्मा और  हमीरपुर से आजाद विधायक आशीष शर्मा के खिलाफ10 मार्च को  एफआइआर नंबर 40 दर्ज कर रखी हैं। इन दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420,171ए,171सी के अलावा भ्रष्‍टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 और 8 भी लगा रखी हैं।