शिमला।  प्रदेश में भारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कांग्रेस के भाजपा के पाले में गए छह विधायकों की  विधायकी को खत्‍म करने के लिए दल-बदलू कानून के तहत लाए गए सुक्‍खू समर्थक विधायकों की शिकायत पर स्‍पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने फैसला सुरक्षित रख लिया हैं। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने कहा कि इस मसले पर स्‍पीकर ने फैसला सुरक्षित रख लिया हैं।

आज करीब साढ़े तीन घंटे तक इस मामले  पर सुनवाई चली व बागी विधायकों की ओर से भाजपा के पूर्व सांसद व वकील सत पाल जैन ने पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय मांगा। जिसे स्‍पीकर पठानिया ने नामंजूर कर दिया।

 विधायक दल की ओर से दिल्‍ली से सुप्रीम कोर्ट के वकील सांवत ने पैरवी कीओर से सांय को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।

जब तक फैसला नहीं सुनाया जाता है तब तक राजेंद्र राणा,सुधीर शर्मा, इंदर दत लखनपाल,चैतन्‍य शर्मा,देवेंदर भुटटो और रवि ठाकुर की विधायकी पर तलवार लटकी हुई  हैं।

अगर स्‍पीकर ने इन्‍हें दल बदलू कानून के तहत अयोग्‍य ठहरा दिया तो उन्‍हें फिरअदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा या फिर चुनाव मैदान में उतरना पड़ेगा ।

उधर,पठानिया की ओर से अपना फैसला रिजर्व करने के बाद विक्रमादित्‍य सिंह ने अपने इस्‍तीफे को वापस लेने का एलान कर दिया और दावा किया कि संगठन सर्वोपरि है।  

बीते रोज कटौती प्रस्‍ताव पर पार्टी विधायकों के लिए कांग्रेस कीओर से व्‍हीप जारी किया गया था लेकिन राणा  व सुधीर समेत कांग्रेस के छह विधायक सदन से गैर हाजिर रहे और भाजपा के साथ पंचकूला चले गए थे। इस पर कांग्रेस विधायकों की ओर से व्‍हीप का उल्‍लंघन करने के लिए उनकी विधायकी खत्‍म करने को लेकर स्‍पीकर से शिकायत की गई।

इस पर आज सुनवाई हुई व अब फैसला सुरक्षित रख लिया हैं।