शिमला । हाईकोर्ट के आदशों के बाद डीजीपी  के पद से आज दो जनवरी को हटाए दिए गए हिमाचल के सबसे वरिष्‍ठ आइपीएस संजय कुंडू  की  याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में कल तीन जनवरी को सुनवाई होंगे। कुंडू की ओर से भाजपा के  मोदी सरकार के पूर्व अटार्नी जनरल रहे  वरिष्‍ठ वकील मुकुल रोहतगी पैरवी करेंगे। उन्‍होंने आज इस मामले को अत्‍यंत आवश्‍यक बताते हुए  सुप्रीम कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के समक्ष मेंशन किया।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस ममले को खुद सुनने  की हसामी भर दी थी।  वह पहले से सूचीबद्ध मामलों के बाद इस मामले को सुनने को तैयार हो गए थे। लेकिन मुकुल रोहतगी ने इस मामले की कल सुनवाई करने का आग्रह किया । सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अर्जेंट सुनवाई करने  को तैयार हो गया हैं। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर लगीहै कि वह इस मामले में क्‍या फैसला सुनाता हैं। इसे अलावा एसपी शिमला की स्‍टेटस  रपट पर क्‍या रुख अपनाया जाता है और क्‍या कुंडू की ओर से एसपी शिमला को लेकर भी कुछ सुप्रीम कोर्ट में कहा जाता है या नहीं ।

एसपी शिमला मुख्‍यमंत्री सुक्‍खू के करीबी है लेकिन सुक्‍खू कुंडू को भी नहीं हटाना चाहते थे।अंदरूनी तौर पर सीएम सुक्‍खू की और कुंडू की नजदीकियां बनी हुई हैं।

गौर हो कि सुक्‍खू सरकार ने 1989 बैच के आइपीएस कुंडू को आज दो जनवरी को सुबह –सुबह  डीजीपी के पद से हटा दिया और उन्‍हें प्रधान सचिव आयुष लगा दिया हैं। कुंडू को प्रदेश हाईकोर्ट ने कांगड़ा के कारोबारी निशांत शर्मा की शिकायत पर पुलिस की स्‍टेटस रपटों को देखने के बाद 26 दिसंबर 2023 को डीजीपी के पद से हटाने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई चार जनवरी को होनी हैं। कुंडू पूर्व मुख्‍यमंत्री व भाजपा नेता जयराम ठाकुर के करीबी हैं।

यही कारण रहा कि 26 दिसंबर को हाईकोर्ट के कुंडू को हटाने के आदेश आ जाने के बाद आज भाजपा ने इस मसले पर कुछ नहीं बोला हैं।

कुंडू प्रदेश के पहले डीजीपी है जिन पर जांच को प्रभावित करने के संदेह में प्रदेश हाईकोर्ट ने उनके पद से हटाने का आदेश दिया हो। हाईकोर्ट ने साफ कहा था कि कुंडू के रहते इस मामले की निष्‍पक्ष जांच नहीं हो सकती।