शिमला। नगर निगम शिमला में 34 में से 24 सीटों पर जीत हासिल कर कांग्रेस ने दस साल बाद पुन: नगर निगम पर कब्‍जा कर लिया हैं। शिमला नगर निगम के चुनावों में किसी भी पार्टी को अब तक इतनी सीटें पहली बार मिली हैं। भाजपा को केवल नौ सीटों  पर संतोष करना पड़ा वह दो अंकों तक भी नहीं पहुंच पाई। पिछली बार नगर निगम  पर भाजपा ने भगवा फहराया था। वामपंथी पार्टी माकपा ने भी एक सीट पर जीत हासिल कर वामपंथ की प्रतिष्‍ठा बचा ली हैं। आम आदमी पार्टी के सभी प्रत्‍याशियों को हार का सामना करना पड़ा हैं।

 

ये रही जीतने वाले प्रत्‍याशियों की सूची-:

 

इन चुनावों में कुछ उल्‍ट फेर भी हुआ हैं। जिला शहरी कांग्रेस के अध्‍यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के बेहद करीबी जितेंद्र चौधरी ये चुनाव हार गए हैं। अपनी सरकार होते हुए शहरी कांग्रेस के अध्‍यक्ष का हार जाना कुई मायनों में महत्‍वपूर्ण है और पार्टी की अंदरूनी जंग की ओर  इशारा भी हैं।

दूसरी ओर भाजपा की ओर से पूर्व मेयर सत्‍या कौंडल भी यह चुनाव हार गई हैं। मतदान से एक दिन पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर उनकके बेटे की गाउ़ी से शराब बरामद की थी व दूसरे दिन उन्‍होंने रो-रो कर सफाई दी थी कि उनके बेटे का इस शराब से कोई लेना देना नहीं हैं। लेकिन रोने के बावजूद उन्‍हें कोई सहानुभूति नहीं मिली। सत्‍या कौंडल जयराम सरकार में मंत्री सुरेश भारदवाज की करीबी मानी जाती रही हैं।

 

उधर मोदी सरकार में मंत्री व हमीरपुर से भाजपा के सांसद अनुराग ठाकुर ने जिन जिन वार्डों में प्रचार किया था उन सबमें भाजपा के प्रत्‍याशी हार गए हैं। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने निगम चुनावों के लिए एक ही दिन प्रचार किया था। अनुराग ने  टुटू,समरहिल,लोअर बाजार, खलीनी व  कृष्‍ण नगर में रोड शो किए थे।लेकिन इन वार्डों में से केवल कृष्‍णा नगर में ही भाजपा प्रत्‍याशी की जीत हो पाई।

इन चुनावों  में भाजपा  के लिए न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम काम आया और न ही जनता को चुनावों के बीच भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष को बदलने का टोटका रास आया।

भाजपा के नए अध्‍यक्ष राजीव बिंदल भी कुछ बड़ा चमत्‍कार नहीं दिखा पाए बहर हाल भाजपा के तमाम पैंतरे जनता ने नकार दिए।पूर्व मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर व उनके सखा  पूर्व भाजपा अध्‍यक्ष सुरेश कश्‍यप का भी इन चुनावों में कोई जलवा नहीं चला।

जीत की मशीन कही जाने वाली भाजपा विधानसभा चुनावें के बाद निगम चुनावों में भी विफल हो गई।

नडडा नहीं आए थे प्रचार में

दिलचस्‍प तौर पर इन चुनावों में भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष व हिमाचल से राज्‍यसभा सांसद जगत प्रकाश नडडा प्रचार के लिए नहीं आएथे। समझा जा रहा था कि उन्‍हें पहले से भान हो गया थ कि भाजपा की बुरी तरह से शिकस्‍त हो जाएगी।इसलिए उन्‍होंने अनुराग को यहां भेज दिया व हार का ठीकरा अब अनुराग  के सिर फोड़ा जाएगा।

 

उधर, कांग्रेस अध्‍यक्ष प्रतिभा सिंह ने जीत के लिए जनता का आभार व्‍यक्‍त किया हैं व मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्‍खू ने कहा कि इस जीत का कर्नाटक के चुनाव पर भी असर देखने को मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि कुछ वार्डों में कांग्रेस प्रत्‍याशियशें की हार भाजपा के साथ दोस्‍ती के वजह से भी हुई हैं। ऐसा होता रहता हैं।

उन्‍होंने कहा कि अब महापौर व उप महापौर का चयन वह खुद व पार्टी अध्‍यक्ष प्रतिभा सिंह बैठक कर करेंगी। उन्‍होंने भरोसा दिलाया कि शिमला में भवनों को नियमित करने, एटिक व बाकी समस्‍याएं हैं । उनकी सरकार इस दिशा में काम करेगी।