शिमला। प्रदेश की नई नवेली कांग्रेस की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार के सामने दो महीने में ही अब दूसरा औदयोगिक विवाद खडा हो गया हैं। दाडला व बरमाणा में सुक्खू सरकार की ओर से अदाणी समूह की मालभाडे को घटाए जाने की मांग को मान कर अब अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की ओर से मालभाडा कम […]
शिमला। प्रदेश की नई नवेली कांग्रेस की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार के सामने दो महीने में ही अब दूसरा औदयोगिक विवाद खडा हो गया हैं। दाडला व बरमाणा में सुक्खू सरकार की ओर से अदाणी समूह की मालभाडे को घटाए जाने की मांग को मान कर अब अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की ओर से मालभाडा कम करने पर बागा में विवाद की स्थिति पैदा हो गई हैं।
कंपनी ने मालभाडे को काम करने का एकतरफा फरमान जारी कर दिया है जिसका आपरेटरों की ओर से विरोध किया जा रहा हैं।
आपरेटरों ने कंपनी को 15 सूत्रीय मांग पत्र भेजा है और आज बागा में आपरेटरों की बैठक हो रही हैं।
इस 15 सूत्री मांगपत्र में आपरेटरों ने अल्ट्राटेक कंपनी से सीमेंट कारखाने में ढुलाई में लगी विभिन्न परिवहन सभाओं को रोजाना दस हजार मीट्रिक टन माल ढुलाई को देने की मांग की है। इसके अलावा कंपनी वापसी में लाया जाने वाले कच्चे माल की ढुलाई का सौ फीसद काम भी आपरेटरों को ही दिया जाए।
आपरेटरों की मुख्य मांगों में हिमाचल में कंपनी के डंपों को बंद करने,सीमेंट व क्लींकर का माल ढुलाई भाडा बराबर देने, रूडकी व बटिंडा का रोजाना 1500 मीट्रिक टन माल ढुलाई के लिए देने के साथ –साथ मौजूदा मालभाडे में कोई भी कटौती न करने की मांगी की गई हैं।
इसी तरह ट्रकों में मु फत में जीपीएस मुहैया कराने ,टोल टैक्स को मालभाडे में शामिल करने,सालाना मालभाडे में पांच फीसदी बढोतरी देने ,ट्रकों की लोडिंग व अनलोडिंग का समय निर्धारित करने,अनलोडिंग स्थान पर सीमेंट के कटे –फटे बैगों को वहीं खाली करने,ट्रकों के लोडिंग व अनलोडिंग का डाला न लेने, दुर्घटनाग्रस्त गाडियों की सीमेंट व क्लींकर की रिकवरी न करने और शालुघाट से जब्बलपुल तक सडक ठीक कराने की मांग की गई हैं।
इन तमाम बिंदुओं पर बीते रोज भी आपरेटरों के बीच वार्ता हुई है और आज दूसरे दौर की वार्ता हो रही हैं। आपरेटरों की ओर से कहा जा रहा है कि अगर कंपनी ने मालभाडा नहीं घटाया और उनसे इन 15 बिंदुओं पर कोई सहमति नहीं बनी तो आपरेटर अगली रणनीति तय करेंगे।
आपरेटरों की विभिन्न सभाओं की समन्वय समितिके संयोजक कैप्टन भगत राम ठाकुर ने कहा कि कंपनी ने एकाधिकार करते हुए पूर्व के समझौते की अवहेलना की है व इसका पूरा विरोध किया जाएगा
