शिमला। प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्‍खू सरकार के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अदाणी समूह की दुश्‍मन नहीं है लेकिन अगर नियमों का उल्‍लंघन होगा तो जांच होनी चाहिए।

उनसे पूछा गया था कि हिमाचल में अदाणी समू‍ह की कितनी कंपनियां है व क्‍या उनमें धांधलियां हुई है और सुखविंदर सिंह सरकार क्‍या उनकी जांच करेगी। जवाब देते हुए नरेश चौहान ने कहा कि अदाणी नियमों से काम करे तो कांग्रेस को कोई आपति नहीं हैं।पैसा कमाना बुरी बात नहीं हैं। अदाणी दुश्‍मन नहीं है कांग्रेस का।

इससे पहले उन्‍होंने हिंडनबर्ग की रपट में हुए खुलासे का जिक्र करते हुए अदाणी समूह पर तमाम तरह के इल्‍जाम लगाए और कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अदाणी समूह की कारगुजारियों को छिपाने व अदाणी को बचाने के लिए आगे खडे हो गए  हैं। प्रधानमंत्री को किसी खास कारोबारी का दोस्‍त नहीं होना चाहिए। कमसे कम इस तरह का संदेश तो नहं ही जाना चाहिए।  वह पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं।

चौहान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और  अदाणी को लेकर लगाए गए इल्‍जामों का हवाला देते हुए कहा कि अमीरों की सूची में तीसरे पायदान पर पहुंचे अदाणी आज 26वें पायदान पर पहुंच चुके है।

उनकी संपति 19 लाख 60 हजार करोड से घट कर हिंडनबर्ग की रपट के बाद 7 लाख 60 हजार करोड रह गई हैं।

उन्‍होंने कहा कि 2009 में अदाणी की संपति महज 57 हजार करोड रुपए थे जो  लेकिन प्रधानमंत्री से दोस्‍ती के चलते यह संपति बेहद रफतार से आगे  बढी।

उन्‍होंने मांग की मोदी सरकार के इस मामले की जांच जेपीसी से करानी चाहिए। हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा है और उम्‍मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले की जांच करवाएंगी।