शिमला। जिला लाहुल स्पिति की पिन वैली के खंमगीर ग्‍लेशियर में फंसे दो पर्वतारोहियों की मौत हो गई है जबकि 14 अन्‍य फंसे पर्वतारोहियों को निकालने के लिए बचाव व राहत कार्य चला दिया गया है। जिला प्रशासन ने हेलीकाप्‍टर की मदद लेने की भी कोशिश की है लेकिन खराब मौसम में यह उड़ान भर पाएगा या नहीं इस बावत कुछ तय नहीं हो पा रहा है।
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स्‍पिति की पिन घाटी के खंमगीर ग्‍लेशियर में कुछ दिन पहले भारतीय पर्वतारोही फेडरेशन के बैनर तले पश्चिमी बंगाल का एक दल यहां पर पर्वतारोहण पर गया था । लेकिन अचानक मौसम खराब हो गया और पर्वतारोहियों का यह दल वहां ग्‍लेशियर में फंस गया।
जिला उपायुक्‍त लाहुल स्पिति नीरज कुमार ने कहा कि इनमें दो सदस्‍यों की मौत हो गई है। जहां इन दो सदस्‍यों मौत हुई हैं वहीं तीन पर्वतारोंहियों व एक शेरपा या स्‍थानीय गाइड फंसा हुआ है जबकि बाकी दस पर्वतारोही या पोटर भी वहीं आसपास फंसे हुए हैं।

आज सुबह इस दल के दो सदस्‍य काजा पहुंचे और उन्‍होंने जिला प्रशासन को जानकारी दी कि उनके दल के सदस्‍य ग्‍लेशियर में बर्फ में फंस चुके है। इस जानकारी के मिलने के बाद जिला प्रशासन ने भारतीय तिब्‍बत सीमा पुलिस की 16 सदस्‍यीय टुकड़ी , सेना के डोगरा स्‍काउट के छह जवान और एक डाक्‍टर और दस शेरपा भी साथ मौके लिए रवाना कर दिए गए। यह कल सुबह इस ग्‍लेशियर की चढ़ाई शुरू करेंगे व तब कहीं जाकर मौके पर पहुचं पाएंगे।

खंमगीर ग्‍लेशियर जिसकी उंचाई करीब 5034 मीटर है। जिला उपायुक्‍त्‍ ने कहा कि बचाव दल को खमींगर पहुंचने में तीन दिन लगेंगे। उन्‍होंने कहा कि हेलीकाप्‍टर की मदद लेने की भी कोशिश की जा रही है लेकिन इस ग्‍लेशियर की ऊंचाई बहुत ज्‍यादा है ऐसे में संभवत: हेलीकाप्‍टर इस अभियान में शायद ही कारगर हो पाए। इसलिए 32 सदस्यीय बचाव दल का गठन किया गया है। उन्‍होंने कहा कि बचाव कार्य पिन घाटी के काह गांव से शुरू होगा। पहले दिन 28 सितंबर को काह से चंकथांगो, दूसरे दिन चंकथांगो से धार थांगो और अंतिम दिन धारथांगो से खमींगर गलेशियर रेस्कयू टीम पहुंचेगी। वहीं तीन दिन वापस खंमीगर गलेश्यिर से काह पहुंचने में लगेंगे। ।

मतृक के नाम व पता
मृतकों में कोलकाता के आनंद पुर बैरक के भास्कर देव मुखोपाध्याय और पश्चिमी बंगाल के अवासान बेलगो‍रिया संदीप कुमार ठाकुराता शामिल है।

फंसे ट्रैकर
वहां फंसे सदस्‍यों में कोलकाता के देबाशीष बर्धन, रणाधीर राय, तपस कुमार दास और अतुल शामिल है। इनके साथ ही दस शेरपा भी वहीं फंसे हुए हैं। नीरज कुमार ने कहा कि बचाव व राहत दल संभवत: इन सबको को सकुशल निकालने में कामयाब हो जाएगा।