शिमला। पूर्व मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन से खाली हुए अर्की विधानसभा हलके में भाजपा की कलह चरम पर पहुंच गई है। आज अर्की कल्‍याण संस्‍था के स्‍थापना दिवस पर भाजपा नेताओं ने मंडल भाजपा व प्रदेश भाजपा को ही कटघरे में खडा कर दिया। वहीं पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेमकुमार धूमल को अर्की से चुनाव मैदान में उतारा जाए इस बावत किसी ने संस्‍था के मंच से जुबान तक नहीं खोली। जबकि कहा जा रहा था कि इस मौके पर धूमल को अर्की से चुनाव मैदान में उतारने की बात रखी जाएगी।

अब मंगलवार को अर्की भाजपा मंडल की बैठक है उसके भी हंगामेदार होने के आसार है। भाजपा के राज्‍य उपाध्‍यक्ष में व 2017 के विधानसभा चुनावों में पूर्व मुख्‍यमंत्री वीरभद् सिंह के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे रतन सिंह पाल से धूमल को लेकर पूछे सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि परसों मंडल की बैठक है। अगर कोई प्रस्‍ताव आएगा तो उस पर विचार कर प्रदेया नेतृत्‍व को सिफारिश भेज दी जाएगी। इस तरह के फैसले तो ऊपर के स्‍तर पर ही होते है। धूमल पार्टी के वरिष्‍ठ नेता है।

याद रहे पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेहद करीबी व भारतीय मजदूर संघ के पूर्व प्रदेशाध्‍यक्ष सुरेंद्र ठाकुर व अन्‍यों की ओर से संस्‍था का स्‍थापना दिवस इस बार अर्की में मनाया गया। इस मौके पर भाजपा के नेताओं ने मंडल पर जमकर इल्‍जाम लगाए और कहा कि जितने भी पार्टी के पुराने कार्यकर्ता है उनका सबका तिरस्‍कार किया जा रहा है। उन्‍हें हाशिए पर धकेल दिया गया है। जबकि उन्‍होंने अपने 40-40 साल पार्टी के लिए दिए हैं।
यहां से दो बार विधायक रह चुके गोबिंद राम शर्मा ने कहा कि पार्टी की ओर से 2017 में जिसे टिकट दिया गया उसे ही पार्टी का उपाध्‍यक्ष भी बना दिया और अध्‍यक्ष भी बना दिया गया। उन्‍हें पूछा तक नहीं जा रहा है। उनसे जो वादे किए गए थे उन्‍हें पूरा तक नहीं गया। पिछले दिनों प्रदेश प्रभारी ने उनसे कहा था कि उन्‍हें केबिनेट स्‍तर का पद दिया दिया जाएगा लेकिन उन्‍हें आज तक किसी ने कुछ नहीं दिया। इस मौके पर उन्‍होंने अपना पूरा गुब्‍बार निकाला।

जिला परिषद सदस्‍य व पूर्व मंत्री नगीन चंद्र पाल की बेटी आशा परिहार ने कहा कि गोबिंद शर्मा की अनदेगखी ठीक नहीं है। पुराने कार्यकर्ताओं का सम्‍मान किया जाना चाहिए। इस बैठक में मंलाध्‍यक्ष को बदलने तक बात उठी। यही नहीं सोलन में भाजपा के कार्यालय के लिए जमीन खरीद का मसला भी उठाया गया और यहां तक कहा गया कि अगर गोबिंद राम शर्मा को टिकट नहीं मिला तो लोग अपना प्रत्‍याशी चुनाव मैदान में उतार देंगे।
धूमल के करीबी व हिमाचल पथ परिवहन निगम के धूमल सरकार में निदेशक रहे जीत राम ठाकुर ने कहा कि उन्‍होंने धूमल की बात उठाई थी लेकिन लोगों ने तय किया है कि गोबिंद राम शर्मा को टिकट दिया जाए। हालांकि उन्‍होंने ये जरूर जोडा कि अगर धूमल अर्की से चुनाव मैदान में खडे में होते है तो अर्की में तो पार्टी की कलह ही खत्‍म हो जाएगी। इस मसले पर आगे बैठक की जाएगी।

उधर पार्टी के उपाध्‍यक्ष रतन सिंह पाल ने कहा कि यह संस्‍था जब अर्की में चुनाव नजदीक आते है तभी इस तरह के कार्यक्रम करती है। इसके कर्ताधर्ताओं का इसी तरह का इतिहास है। इसके अलावा इस कार्यक्रम में किसी भी कार्यकर्ता ने कुछ नहीं कहा है। कुछ नेताओं ने जरूर कहा होगा उन्‍हें जानकारी नहीं है। उन्‍हें टिकट पार्टी ने दिया था । पार्टी ने ही उपाध्‍यक्ष का पद भी दिया है और अध्‍यक्ष का पद भी सरकार व संगठन ने ही दिया है। वह काम कर रहे है। गोंबिद राम शर्मा को जब भी टिकट मिला उन्‍होंने कार्यकर्ता की तरह पूरी तरह काम किया। संगठन अब भी जिसे टिकट देगा उसकी जीत निश्चित की जाएगी। यह पूछे जाने पर कि परसों हो रही मंडल की बैठक में क्‍या इन नेताओं को भी बुलाया जाएगा। रतन पाल ने कहा कि सभी को बुलाया जाएगा। जो भी अर्की में भाजपा की कलह जोरों पर है और अगर यह कलह इसी तरह जारी रही तो पार्टी का बंटाधार होने से कोई नहीं बचा सकता।

याद रहे गोबिंद राम शर्मा भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नडडा के करीबी माने जाते है। वह जयराम मंत्रिमंडल में शहरी विकास मंत्री सुरेश भरदवाज के भी करीबी है। पिछले दिनों वह राजधानी से समीरपुर लौट रहे धूमल से भी दाडला में मिले थे।