शिमला।सीबीआइ ने कुल्‍लू में पार्वती पन बिजली परियोजना के चरण दो के काम के लंबित बिलों का भुगतान करने की एवज में पांच लाख रुपए की रिश्‍वत लेने व देने के आरोप में एनचीपीसी के मुख्‍य महाप्रबंधक वित हरजीत सिंह पुरी के अलावा मैसर्स गैमन कंपनी के वरिष्‍ठ महाप्रबंधक सुनील मेंद्रेता और सुनील सैनी नामक एक निजी व्‍यक्ति को गिरफतार किया है। सीबीआइ की ओर से एनएचपीसी ,पुरी और गैमन के कुल्‍लू स्थित कार्यालयों व अन्‍य ठिकानों में छापेमारी कर दस्‍तावेज बरामद किए है।

पुरी इन दिनों एनएचपीसी के फरीदाबाद सिथत कार्यालय में तैनात है। सीबीआइ ने इन सबके खिलाफ भ्रश्‍टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्‍न धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है। गैमन कंपनी कुल्‍लू में पार्वती पन बिजली परियोजना चारण -2 का कार्य का रही थी।
एनएचपीसी के पास इस कंपनी के एक करोड, 36 लाख, एक करोड 9नौ लाख और दो करोड के बिल लंबित थे। बिलों के भुगतान की एवज में पुरी ने मंद्रेटा से पांच लाख रुपए की रिश्‍वत मांगी। सौदा हो जाने पर सुनील सैनी यह रकम ले गया । सीबीआइ ने पहले ही जाल बिछाया हुआ था और जैसे ही पुरी ने पांच लाख रुपए की रिश्‍वत ली सीबीआइ ने उसे रंगे हाथों गिरफतार कर लिया व रिश्‍वत देने वाले मंद्रेटा और सैनी को भी दबोच लिया है।

इसके बाद सीबीआइ ने दिन भी गैमन कंपनी के कुल्‍लू सिथत कार्यालयों व इन अधिकारियों के ठिकानों के फरीदाबाद,कुल्लू और दिल्ली में तलाशी ली गई जिसमें सम्पत्ति और वित्तीय लेन देन के दस्तावेज सहित आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।