शिमला। जयराम सरकार और राजनीतिक तौर पर बाजी पलटने की मुहिम चलाने वाले भाजपा नेता राजीव बिंदल की तमाम कोशिशों को नाकाम करते हुए कांग्रेस पार्टी ने सोलन नगर निगम पर पार्टी की पार्षद पूनम ग्रोवर की ताजपोशी करने में कामयाब हो गई। उप महापौर के पद पर भी कांग्रेस के पार्षद राजीव कुमार विराजमान हुए। इस तरह सोलन नगर निगम पर कांग्रेस का कब्‍जा हो गया है।
उधर,कांग्रेस के खेमे में खलबली मचाने के लिए भाजपा ने आज भी अपना दांव चला।भाजपा पार्टी के अधिकृत प्रत्‍याशी के खिलााफ चुनाव मैदान में उतरने वाले जिस बागी को पार्टी से निकाल दिया गया था आज आश्‍चर्यजनक तरीके से उसी को महापौर पद के लिए मैदान में उतार दिया। भाजपा की ओर से बागी मनीष कुमार को महापौर प के लिए उतारा गया जबकि उपमाहपौर के पद पर शैलेंद्र गुपता को उतारा।

भाजपा को उम्‍मीद थी की क्रास वोटिंग हो जाएगी और उसकी लाटरी खुल जाएंगी । लेकिन कांग्रेस के सभी पार्षद एकजुट रहे और पूनम ग्रोवर और राजीक कुमार को नौ-नौ मत मिले व भाजपा की मंसूबों पर पानी फिर गया। जबकि भाजपा की ओर से उतारे गए प्रत्‍याशियों को आठ -आठ मत मिले।‍

इससे पहले भाजपा अपने सभी सात पार्षदों और आजाद पार्षद को लेकर आज पहले शूलिनी माता मंदिर में मत्‍था टेकने गए व वहां से वाहनों के काफिले के साथ शपथ लेने आए। पिछली बार भाजपा पार्षद शपथ लेने नहीं आए थे।आज भी भाजपा पार्षद शपथ लेने देरी से आए।
सोलन नगर निगम का गठन हाल ही में किया गया था। ऐसे में कांग्रेस ने प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद सोलन नगर निगम पर अपनी पाताका लहरा दी है।
इससे पहले भाजपा ने दावा किया था कि कांग्रेस के दो पार्षद उसके साथ संपर्क में है जबकि कांग्रेस ने भी बाद में ऐसे ही दावे करने शुरू कर दिए थे।
जिला कांग्रेस सोलन के अध्‍यक्ष शिव कुमार ने कहा कि कांग्रेस के सभी पार्षद एक जुट रहे व सोलन नगर निगम पर कांग्रेस परचम लहराने में कामयाब रही। यह पूछे जाने पर कि क्‍या सच में कांग्रेस के कोई पार्षद भाजपा के संपर्क में थे उन्‍होंने कहा कि भाजपाइयों की ओर से इस तरह की अफवाहें उडाई गई थी। हालांकि उन्‍होंने दबाव बनाने का जरूर प्रयास किया था। लेकिन चार पार्षद तो भारतीय राष्‍ट्रीय छात्र संगठन से जुडे हुए थे। ऐसे में वह भाजपइयों के साथ कहां जाते।

उन्‍होंने नए नगर निगम की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने घोषणापत्र जारी किया था। इसे लागू करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। इसके अलावा सोलन में पानी की किल्‍लत रही है। उसे दूर किया जाएगा और कूडा एकत्रित करने का काम निगम की ओर से किया जाएगा।
उन्‍होंने साथ ही कहा कि अगर 2021 की जनगणना में शहर की आबादी पचास हजार हो जाती है तो न्रिगम में मिलाए गए ग्रामीण क्षेत्रों को बाहर करने का प्रयास किया जाएगा ताकि उन्‍हें दिक्‍कतें न झेलनी पडी।

मंदिर-मंदिर घूमते रहे कांग्रेस नेता व पार्षद

भाजपा से अपने पार्षदों को बचाने के लिए कांगेस नेताओं को कडी मशक्‍त करनी पडी। 13 अप्रैल को भाजपा के पार्षद शपथ लेने नहीं आए थे। जबकि कांग्रेस पार्षदों ने शपथ ले ली थी। कोरोम पूरा न होने पर उस दिन महापौर व उपमहापौर के चुनाव नहीं हो पाए। इससे पहले 12 अपैल को ही कांग्रेस ने अपने तमाम पार्षदों को शोघी में एक रिसार्ट में रख लिया था। जब 13 अपैल को कुछ नहीं हुआ तो कांग्रेस ने तब से लेकर आज तक अपने पार्षदों को जगह -जगह घुमाया। इस बीच ये पार्षद हाटकोटी मंदिर में मत्‍था टेकने गए। ए दिन ततापानी चले गए। इस तरह रोजाना कभी किसी मंदिर में तो कभी किसी मंदिर में जाते रहे। शिव कुमार ने कहा कि वह सुबह चले जाते व शाम को अपने ठिकाने पर लौट आते।