शिमला। प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं पूर्व मुख्यदमंत्री शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल को सामरिक दृष्टि से बेहद संवदेनशील अटल टनल को राष्ट्र को समर्पिंत करने के मौके से कोरोना की आड़ में दूर रखने के बाद प्रदेश से राज्यकसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्री य अध्य क्ष जगत प्रकाश नडडा ने इस कार्यक्रम […]
शिमला। प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं पूर्व मुख्यदमंत्री शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल को सामरिक दृष्टि से बेहद संवदेनशील अटल टनल को राष्ट्र को समर्पिंत करने के मौके से कोरोना की आड़ में दूर रखने के बाद प्रदेश से राज्यकसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्री य अध्य क्ष जगत प्रकाश नडडा ने इस कार्यक्रम से किनारा कर लिया है।
भाजपा सांसद जगत प्रकाश नडडा इस मौके पर शिरकत नहीं कर रहे है।पार्टी की ओर से कहा गया है कि वह बिहार चुनावों में व्यस्त है व उनके आवास पर बिहार चुनावों को लेकर बड़ी बैठकें चल रही है। इस टनल को लेकर उन्हों्ने प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं भेजी है व तीन अक्तूंबर के दिन को ऐतिहासिक करार दिया है।
ये अपने आप महत्व पूर्ण है कि देश के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जिस सामरिक सुरंग का उदघाटन करने आ रहे है उस कार्यक्रम से राज्ये के सबसे ताकतवर सांसद किनारा कर रहे हो और वह भी बिहार चुनावों की खातिर। अगर पार्टी की ओर से दी गई जानकारी सही है तो साफ है नडडा की प्राथमिकता हिमाचल नहीं है केवल चुनाव है।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से लगातार प्रधानमंत्री से पौकेज की मांग की जा रही।घोषित 69 राष्ट्री य राजमार्गों पर केंद्र सरकार की ओर से पीछे हटने के सवाल है।223 किलोमीटर का शिमला-मटौर फोरलेन का मामला है जिसे केंद्र सरकार ने बनाने से इंकार कार दिया है। ये तमाम मांगे है जो भाजपा नेता नडडा के जरिए प्रधानमंत्री के संज्ञान में लाना चाहते।अब वह ही नहीं आ रहे है तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इन तमाम मांगों को उठाएंगे ये देखा जाना है। अगर धूमल कार्यक्रम में शामिल होते तो संभवत: वह इन तमाम मसलों पर मोदी से बात भी कर लेते। उनको पहले ही घर बिठा दिया गया है। शांता व मोदी की पहले से ही आपस में अनबन है। राज्य सभा सांसद इंदु गोस्वा मी जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीब है वह कोरोना संक्रमित हो चुकी है।
बड़ा सवाल यही है कि शांता-धूमल जैसे दिग्ग जों के साथ –साथ नडडा को भी इस कार्यक्रम से दूर रखना महज कोरोना महामारी व बिहार चुनाव जैसे संयोग ही है या कोई रणनीतिक कदम है। कहा जा रहा है कि कोरोना की वजह से सतर साल से ज्याोदा की उम्र के लोगों को कार्यक्रम स्थ ल तक नहीं जाने दिया जाएगा। अगर कोरोना का ऐसा ही डर है तो फिर इस सुरंग का उदघाटन आनलाइन भी तो किया जा सकता है। वैसे भी प्रदेश में 90 एलइडी स्क्री न तो लगाई ही जा रही है।
मजेदार यह है कि इस कार्यक्रम के इंतजामों से जयराम सरकार में सबसे ताकतवर मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर भी दूर ही है। वह कहीं नजर नहीं आ रहे है।
अब कल यह पता चलेगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल के लिए कोई सौगात देकर जाते भी है या केवल उदघाटन करके लौट जाते है।
