शिमला।कोरोना महामारी की वजह से प्रदेश में लागू की गई पूर्ण बंदी व कर्फ्यू  की वजह से सब कुछ ठप होने से प्रदेश को चार सौ करोड़ रुपए के करीब का नुकसान हो चुका है। राजधानी में पूर्णबंदी के बाद पहली बार आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन में मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अप्रैल महीने में अब तक प्रदेश को करों व गैर करों से करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपए की आय हो जाती है लेकिन इस बार 40 से 45 करोड़ ही मिल पाए है।

उन्‍होंने राज्‍य के बाहर फंसे छात्रों व अन्‍य लागों को हिमाचल कब तक पहुंचा दिया जाएगा इस बावत कोई आश्‍वासन नहीं दिया । उन्‍होंने कहा कि बेहतर यही है कि जो जहां है वह वहीं रहे । अगर उन्‍हें यहां आना भी पड़ा तो 14 दिन के क्‍वारंटीन में रहना पड़ेगा तब तक बंदी की अवधि संभवत: समाप्‍त हो जाएगी। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि सरकार उन्‍हें वहां क्‍या मदद कर सकती है,वह करेगी।

चंडीगढ़ व दिल्‍ली हिमाचल भवन पहले ही खोल दिए है। उन्‍होंने माना कि सरकार पर बाहर फंसे बच्‍चों व अन्‍य लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने का बहत ज्‍यादा दबाव है। उन्‍होंने सहयोग का आग्रह किया है व वह मिल भी रहा है।

उन्‍होंने कहा कि सरकार अगर कार्यालयों में तीस फीसद कर्मचारियों को भी काम पर बुलाती है तो कर्फ्यू व अन्‍य पाबंदियों का कोई तलब नहीं रह जाता है। इसलिए सरकार सप्‍ताह –दस दिन तक स्थिति का आकलन करना चाहती है व उसके बाद कोई कदम उठाएंगी।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में कोरोना संक्रमण के मामलों की स्थिति बाकी राज्‍यों से बेहतर है। छह जिलों में कोई मामला नहीं है।हमीरपुर में भी अब जाकर दो मामले आए है। अन्‍यथा सात जिलों में कोरोना मामलों से अछूते है। यह सब लोगों के सहयोग से संभव हो पाया है।इसके अलावा डाक्‍टरों व पैरा मेडिकल स्‍टाफ व पुलिस का भी सहयोग मिला तभी ये संभव हो पाया।लेकिन इससे बहुत ज्‍यादा खुश होने की जरूरत नही है। रियायतों को लेकर उन्‍होंने कहा कि ये बिलकुल सीमित है। इस दौरान कर्फ्यू में कतई ढील नहीं दी जाएगी। अगर कहीं चूक हो गई तो स्थिति कहीं से कहीं पहुंच सकती है।इसलिए सख्‍ती बरती जाएगी व यह सरकार की विवश्‍ता और आवश्‍यकता दोनों हैं।

सांसद रामस्‍वरूप शर्मा को लेकर पूछे सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि वह वैध परमिट पर आए व अपने घर भी नही ग्‍ए ।वह अपने स्‍टाफ के दो कर्मियों के साथ दूसरे घर में ही रहे।

उन्‍होंने कहा कि तबलीगी जमात के लोगों की वजह से मामले ऊपर चले गए थे। लेकिन सरकार ने जब इनकी चेन पकउ़ी तो ये छह सौ लोगों तक चली गई। सरकार ने योजना बनाई व सबकों चिन्हित किया गया व सबके टेस्‍ट हो रहे है।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि टेस्टिंग की सुविध को बढाया जा रहा हे। पहले आइजीएमसी और टांडा में ये सुविध थी अब कसौली में शुरू हो गई है। पालमुपर के लिए भी आवेदन किया है। इसके अलावा मंडी में भी टेस्‍ट कराने की सुविध हो इस बावत आवेदन किया गया है।

राजनीति कर समय नहीं

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कई लोग कई तरह की बाते उठा रहे व ढूंढने की कोशिश कर रहे है। उनहोंने विपक्ष के सभी नेताओं का आहवान किया कि ये दौर घोर संकट का है ।राजनीति का अवसर तब मिलेगा जब हम रहंगे। ऐसे में राजनीतिक मकसद की पूर्ति ये  वक्‍त नहींहै।

 

पचाय लाख देने का एलान

मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अगर कोरोना विषाणु की जंग के दौरान कोई डाक्‍टर व अन्‍य स्‍टाफ संक्रमित हो जाता है और उसकी मौत हो जाती हे तो उनकी सरकार उसके परिजनों को पचास लाख रुपए का मुआवजा देगी।सरकार ने इस बावत फैसला ले लिया है।