शिमला।कोरोना विषाणु से उत्‍पन्‍न हुई स्‍थिति से निपटने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने आगामी तीन महीने तक डाक्‍टरों व पैरा मेडिकल स्‍टाफ की सेवानिवृति पर 30 जून तक रोक लगा दी है। आगामी तीन महीनों तक किसी भी डाक्‍टर व पैरा मेडिकल स्‍टाफ को  नहीं किया जाएगा। इनकी सेवानिवृति की अवधि तीन महीने तक बढ़ा दी है।अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव स्‍वास्‍थ्‍य आर डी धीमान ने कहा कि इस अवधि में होने वाले इन तमाम पैरा मेडिकल कर्मचारियों व डाक्‍टरों की सेवानिवृति तीस जून को होगी।इसके अलावा निजी अस्‍पतालों को अपने कर्मचारियों को अवकाश न देने के निर्देश दिए है।

यही नहीं जयराम सरकार ने एक 31 दिसबंर2017 से लेकर 29 फरवरी 2020 की अवधि के बीच मेडिकल व पैरा मेडिकल श्रेणी के सेवानिवृत हुए तमाम कर्मचारियों व अधिकारियों को दोबारा  नियुक्‍ति देने का फैसला लिया है।धीमान ने कहा कि इस ये नियुक्‍ति उन्‍हें निर्धारित शर्तों व नियमों के तहत दी जाएगी व उन्‍हें उसी पद पर बिठाया जाएगा जहां से वह सेवानिवृत हुए थे। इस बावत उनकी लिखित सहमति ली जाएगी व यह उनकी उपलब्‍धता  व फिटनेस पर भी निर्भर रहेगा। इस अवधि के दौरान उन्‍हें अंतिम वेतन व पैंशन के अंतर के बराबर पारिश्रमिक दिया जाएगा।उन्‍होंने कहा कि नियुक्‍तियां देने के लिए सभी जिलों के मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारियों और मेडिकल कालेजों के प्राधानाचार्यों को अधिकार दे दिए गए हैं।

उन्‍होंने कहा कि इस बावत तमाम जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए है।

सरकार ने प्रदेश के तमाम निजी अस्‍पतालों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने सभी कर्मचारियों को कोरोना विषाणु से निपटने के लिए प्रशिक्षित करे। साथ ही आगाहकिया है कि वह अपने संस्‍थान व कर्मचारियों को आपात स्‍थिति में जरूरत पड़ने पर तैयार रखे । धीमान ने कहा कि निजी अस्‍पतालों को निर्देश दिए गए है कि वह अपने अस्‍पतालों को बंद न करे व किसी को भी छुटटी पर न भेजें।

उन्‍होंने कहा कि इन आदेशों को न मानने वालों के खिलाफ क्‍लीनिकल इस्‍टेबलिश अधिनियम, महामारी रोग अधिनियम 1897 व भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

उन्‍होंने लोगों से आहवान किया कि कफर्यू के दौरान घरों में रहे व अनावश्‍यक तौर पर बाहर न निकलें।उन्‍होंने कहा कि सरकार की ओर से समय –समय पर जारी दिशा निर्देशों का पालन करते रहे।

 2186 लोग निगरानी पर

अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव स्‍वास्‍थ्‍य आरडी धीमान ने कहा कि प्रदेश में अब तक 2186 लोगों को निगरानी पर रखा जा चुका है।इनमें से 591 लोगों ने 28 दिन की जरूरी निगरानी अवधि को पूरा कर लिया है।अब तक 99 संदिग्‍ध लोगों के टेस्‍ट किए जा चुके है।  आज 19 नमूनों की रिपोर्ट सरकार को मिलीहै व सभी नमूने नेगेटिव पाए गए है। प्रदेश में अभी तक तीन नमूने पाजिटिव पाए हैं इनमें से एक तिब्‍बति नागरिक की मौत हो चुकी है।