शिमला।मानसून सत्र के तीसरे दिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से उना से कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा के निजी स्टाफ और शराब माफिया के खिलाफ दर्ज एफआइआर की जांच सीआइडी को सौंपने और एसपी उना के प्रशिक्षण पर जाने की जानकारी देने के बाद सरकार व कांग्रेस विधायकों के बीच विधानसभा सत्र के पहले दिन […]
शिमला।मानसून सत्र के तीसरे दिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से उना से कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा के निजी स्टाफ और शराब माफिया के खिलाफ दर्ज एफआइआर की जांच सीआइडी को सौंपने और एसपी उना के प्रशिक्षण पर जाने की जानकारी देने के बाद सरकार व कांग्रेस विधायकों के बीच विधानसभा सत्र के पहले दिन से चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया। बुधवार सुबह सदन में कोई हंगामा नहीं हुआ। जयराम सरकार के कांग्रेस विधायकों की मांग के आगे झुकने के बाद सदन में कामकाज सामान्य तरीके से चला।
बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में कहा कि इस मामले की जांच सीआइडी के आइजी की देखरेख में उना के एसपी से वरिष्ठ एसपी की ओर से की जाएगी। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने आज सदन की कार्यवाही में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसपी उना पहले से तय शेडयूल के मुताबिक 28 अगस्त से राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण पर जा रहे है।ऐसे में कांग्रेस विधायकों की जो मांग थी वह स्वत: ही पूरी हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह जांच शुरू होगी तक तक एसपी जा चुके होंगे।उनकी कोई भूमिका नहीं होंगी। उन्होंने कांग्रेस विधायकों से सदन की कार्यवाही में भाग लेने का आग्रह किया। इससे पहले प्रश्न काल शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने आज मानसून सत्र के तीसरे दिन भी ये मसला उठाया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस विधायक सदन से बाहर चले जाते है तो मुख्यमंत्री कांग्रेस विधायकों को कभी शराब माफिया से जोड़ देते है तो कभी यह कहते है कि उन्हें माफिया की व बाढ़ प्रभावितों की चिंता नहीं है। मुकेश ने कहा कि वह साफ कर देना चाहते है कि कांग्रेस विधायक दल हर तरह के माफिया के खिलाफ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि विधायक दल की एक ही मांग है कि जब तक जांच चल रही है तब तक एसपी उना को हटा दिया जाए।उन्होंने कहा कि वह विपक्ष कि माफिया से जोड़ने से गुरेज करे। और इस बारे मुख्यमंत्री फैसला दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कहने का विपक्ष ने गलत मतलब निकाल लिया। विपक्ष सदन में नहीं होता है तो बाहर जाकर जो सदन में कहा होता है उसका प्रस्तुतिकरण अलग हो जाता है।उन्होंने कहा कि माफिया के खिलाफ सरकार का अभियान जारी रहेगा। सतापक्ष व विपक्ष केलिए यह साफ हो जाना चाहिए। विपक्ष का सहयोग सरकार के लिए अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह सरकार में आए थे तभी साफ कर दिया था कि राजनीतिक बदले की भावना से कोई काम नहीं होगा। अगर एक भी ऐसा मामला इस अवधि में हुआ हैं तो विपक्ष उन्हें बताएं।
इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने आज सदन की कार्यवाही में भाग लिया व प्रश्नकाल शुरू हुआ। याद रहे कि कांग्रेस विधायक दल मानसून सत्र के पहले दिन से उना के एसपी सतपाल रायजादा के स्टाफ के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने व उन्हें शराब माफिया से जोड़ने के खिलाफ सदन में हंगामा व वाकआउट करते आ रहे थे। आज तीसरे दिन ये गतिरोध समाप्त हो गया।
