शिमला। गुडिया गैंगरेप व मर्डर केस में सीबीआई को इस मामले में गिरफतार आई जी हजूर एच जैदी ,डीएसपी मनीज जोशी ,एसएचओ राजेंद्र कुमार,एएसआई दीप चंद समेत सभी एसआईटी सदस्यों की ओर से प्रदेश हाईकोर्ट में बंद लिफाफे में दिए शपथ पत्र नहीं मिले। सीबीआई की ओर से इस बावत दायर अर्जी पर अदालत अब […]
शिमला। गुडिया गैंगरेप व मर्डर केस में सीबीआई को इस मामले में गिरफतार आई जी हजूर एच जैदी ,डीएसपी मनीज जोशी ,एसएचओ राजेंद्र कुमार,एएसआई दीप चंद समेत सभी एसआईटी सदस्यों की ओर से प्रदेश हाईकोर्ट में बंद लिफाफे में दिए शपथ पत्र नहीं मिले। सीबीआई की ओर से इस बावत दायर अर्जी पर अदालत अब 21 सितंबर को सुनवाई करेगी।
सीबआई ने आज इस मामले में अब तक हुई जांच की रिपोर्ट अदालत में पेश की व अदालत से और समय के लिए अर्जी दी थी। इस पर कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजय करोल व जस्टिस संदीप शर्मा की अदालत ने सीबीआई को दो सप्ताह का समय दे दिया।
अदालत में डीजीपी सुमेश गोयल भी हाजिर रहे उन्होंने अदालत में अतिरिक्त शपथपत्र दायर किया।
सीबीआई ने गुडिया गैंगरेप व मर्डर मामले में एसआईटी की ओर से पकड़े गए आरोपी सूरज की हत्या में एसआईटी प्रमुख जैदी समेत आठ पुलिस वालों को अरेस्ट कर रखा हैं जो सात सिंतबर तक रिमांड पर हैं।
सीबीआई के वकील अंशुल बंसल ने कहा कि सीबीआई ने आज जांच के लिए और समय देने के लिए अर्जी दी थी। जिस पर दो सप्ताह का समय मिला हैं।
उधर,अदालत ने सीबीआई से सवाल किया कि जब उन्हें समय चाहिए था तो अर्जी पहले क्यों नहीं दायर की। इसके अलावा अर्जी में समय क्यों चाहिए इसकी वजह भी नहीं बताई हैं। केवल इतना भर लिखा है कि जांच चल रही है इसलिए और समय दिया जाए।
इस बावत सीबीआई की ओर से कहा गया कि तथ्यों को जाहिर करना मुश्किल हैं।इससे जांच पर प्रभाव पड़ेगा। सीबीआई ने पहले ही अदालत से आग्रह कर रखा है कि उसकी ओर से दाखिल की जाने वाली किसी भी स्टेटस् रिपोर्ट को पब्लिक न किया जाए। अदालत ने सीबीआई को जल्दी जांच पूरी करने के आदेश भी दिए।
