शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की ओर से मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भ्रष्‍टाचार के आरोप लगाने व मुख्‍यमंत्री की ओर से भाजपा नेताओं को गोधरा नरसंहार याद कराने के बीच अचानक 6 मई को कांग्रेस विधायक दल की बुलाई आपात बैठक को विधानसभा भंग करने या नया मुख्‍यमंत्री  चुनने का इशारा माना जा रहा है। हालांकि इस बैठक में कुछ और भी हो सकता है।

उधरकांग्रेस आलाकमान ने पार्टी में फेरबदल करना शुरू कर दिया है। पंजाब व उतराखंड में नए अध्‍यक्ष तैनात कर दिए हैं। कहा जा रहा है क‍ि पार्टी और बदलाव होने जा रहे हैं।

पिछले साढ़े चार सालों में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हमेशा ही विधानसभा सत्र से पहले सदन में पार्टी की रणनीति क्‍या होगी ,इस बावत ही बुलाई गई हैं। ये पहली बार है कि अचानक कांग्रेस विधायक दल की आपात बैठक बुला ली गई हो।

उद्योग व संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यहा जारी विज्ञप्ति में कहा है कि 6 मई को मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के सरकारी आवास ओक ओवर में शाम छह बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई हैं। विज्ञप्ति में दावा किया गया हैं कि इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की नीतियों व बाकी मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।

महज मंथन के लिए विधायक दल की बैठक बुला देना किसी के भी गले नहीं उतर रहा हैं। क्‍यास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में या तो विधानसभा भंग कर नए सिरे चुनाव कराने बावत कोई फैसला लिया जा सकता है या फिर सीबीआई कोर्ट में आय से अधिक संपति मामले को देखते हुए मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने पद से इस्‍तीफा देने जैसा कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। बहरहाल,ऐसा ही है इस बावत कोई भी जुबान खोलने को तैयार नहीं हैं। केवल क्‍यास लगाए जा रहे हैं।

मौजूदा विधानसभा का कार्याकाल दिसंबर 2017 में समाप्‍त होना हैं व आगामी विधानसभा चुनावों व अक्‍तूबर में आचार संहिता लगनी हैं।ऐसे में चुनावों की तैयारी को लेकर अगर बैठक करनी है तो वो कांग्रेस पार्टी को  करनी हैं न कि विधायक दल को ।

बहरहाल ये भी क्‍यास लगाए जा रहे है कि हो सकता है कि सरकार के कुछ मंत्रियों को पार्टी में भेज दिया जाए। इस महत्‍वपूर्ण आपात बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अंबिका सोनी या दिल्‍ली से भी कोई और भी आएगा इस बावत विज्ञप्ति में कुछ भी जिक्र नहीं हैं।

हालांकि ये भी क्‍यास लगाए जा रहे है क‍ि प्रधानमंत्री मोदी व अमित शाह ने जिस  तरह से मुख्‍यमंत्री को भ्रष्‍टाचार  के मसले पर घेरा हैं उसका सामुहिक जवाब देने  की रणनीति भी हो सकती हैं।