शिमला। सशस्त्र सीमा बल के महानिरीक्षक अनिल नेगी को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए गणतंत्र दिवस 2017 को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले उन्हें सशस्त्र सीमा बल की 50वीं वर्षगाँठ पदक, स्वतंत्रता दिवस 2009 पर भारतीय पुलिस पदक, 2010 में डी0जी0 डिस्क व प्रशस्ति-पत्र तथा 2013 में पुलिस विशेष सेवा पदक से […]
शिमला। सशस्त्र सीमा बल के महानिरीक्षक अनिल नेगी को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए गणतंत्र दिवस 2017 को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले उन्हें सशस्त्र सीमा बल की 50वीं वर्षगाँठ पदक, स्वतंत्रता दिवस 2009 पर भारतीय पुलिस पदक, 2010 में डी0जी0 डिस्क व प्रशस्ति-पत्र तथा 2013 में पुलिस विशेष सेवा पदक से भी सम्मानित किया जा चुका हैं।
अनिल नेगी मूलरूप से हिमाचल के किन्नौर जिला के निवासी हैं। इनके दादा तब्या राम किन्नौर की पूह घाटी के 22 गाँवों के जेलदार थे व इनके पिता बी सी नेगी हिमाचल पुलिस के एक उच्च अधिकारी रहे हैं ।
अनिल नेगी जी की प्रारंभिक शिक्षा सेक्रेड हार्ट स्कूल, धर्मशाला व सेंट एडवर्ड स्कूल,शिमला से हुई व वकालत की शिक्षा उन्होंने हिमाचल विवि।
नेगी ने 1984 में सशस्त्र सीमा बल में सीधे सहायक कंमाडेेंट के रूप में पदभार ग्रहण किया व पश्चिम बंगाल, हिमाचल, आसाम आदि राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग पदों पर अपनी सेवाएं दीं।
कमांडेेट के पद पर रहते हुए उन्होंने एसएसबी के मुख्यालय में 2002 से 2006 तक सहायक निदेशक के रूप में कार्य किया।यहां उन्होंने ए जिसमें उन्होंने सशस्त्र सीमा बल की सीमा सुरक्षा बल के रूप में बदली हुई रूपरेखा के साथ नीति-निर्धारण व दिशा.निर्देशन में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उपमहानिरीक्षक पद पर रहते हुए उन्होंने सक्रिय रूप से संवेदनशील क्षेत्र बोंगाइ गाँव (सीमांत मुख्यालय) गुवाहाटी में अपनी सेवाएं दीं।
अपने सेवाकाल के दौरान नेगी जी ने दो बार संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान संचालन अधिकारी के तौर पर बोस्निया व हर्जेगोविना (1999-2000) क्षेत्रीय मुख्यालय में व इसके बाद सुडान में (2005-06) बतौर सेक्टर चीफ ऑफ पर्सनल के तौर पर बेहद चुनौतीपूर्ण स्थितियों में अपनी सेवाएं दीं।
2010 में महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति होने पर ये मुख्यालय में विभिन्न जिम्मेदार पदों पर रहें।
उन्होंने महानिरीक्षक (निर्माण) के पद पर रहते हुए देश के विभिन्न स्थानों पर स्थापित होनी वाली एसएसबी की विभिन्न नई इकाईयों की स्थापना के लिए भूमि चयन व अधिग्रहण, निर्माण संस्थाओं व अन्य संबंधित कार्यों में सफलतापूर्वक अपना योगदान दिया। साथ ही उन्होंने हिमाचल ,अलवर, राजस्थान में स्थित प्रशिक्षण केन्द्रों व 25वीं वाहिनी की कार्यपद्धति का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त महानिरीक्षक के पद पर रहते हुए उनके पास 5 महीनों तक महानिरीक्षक (पीएंडसी) का अतिरिक्त कार्यभार भी रहा।
अनिल नेगी ने 2014 से 2016 तक महानिरीक्षक, सीमांत मुख्यालय, गुवाहाटी का कार्यभार संभाला। यह सीमांत मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल का अतिसक्रिय व संवेदनशील क्षेत्र रहा है जहाँ पर उन्होंने भारत-भूटान सीमा पर सक्रिय अलगाववादी शक्तियों की सक्रियता पर अंकुश लगाते हुए देश की चुनौतीपूर्ण आंतरिक सुरक्षा सेवाओं का बााखूबी निर्वहन किया।
इन सभी चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने अपने कर्तव्य क्षेत्र में बल के जवानों का सक्रिय दिशा-निर्देशन करते हुएए परिवर्तनात्मक योजनाओं के आधार पर विद्रोही समूहों के विरूद्ध युद्धतत्परता से मुकाबला किया।
