शिमला।  हिमाचल प्रदेश में वामपंथियों  की  पार्टी माकपा ने भाजपा सांसद व बीसीसीआई के अध्‍यक्ष अनुराग ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने व हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को घर की जागीर बनाने का आरोप लगाकर उनसे बीसीसीआई  के अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफे  की मांग कर दी हैं।

गौरतलब हो कि इस मसले पर विरोधी राजनीतिक पार्टियों ने अनुराग ठाकुर को घेेरना शुरू कर दिया है। पहल माकपा ने की है । प्रदेश में  अगले साल विधान सभा चुनाव है व धूमल परिवार का बहुत कुछ दाव पर लगा है।

इस बावत माकपा के राज्‍य सचिव ओंकार शाद ने मोर्चा खोला हैं। हालांकि इससे पहले माकपा नेता व नगर निगम के डिप्‍टी मेयर टिकेंद्र पंवर ही अनुराग व एचपीसीए पर हमला बोलते थे। लेकिन अब खुद ओंकार शाद ब्‍यान देकर अनुराग को घेर दिया हैं।

मीडिया को जारी बयान में शाद ने ने कहा कि भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी  की हिमाचल इकाई  बी सी सी आई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर से इस्तीफे की मांग करती  है। उन्होंने प्रदेश में क्रिकेट हो अपनी व्यक्तिगत सम्पति बना कर रख छोड़ा है।। उन्होंने क्रिकेट संघ में पारिवारिक सदस्यों को भर्ती कर खुद के हित में वोटिंग अधिकार भी दिया। एचपीसीए का मामला हिमाचल हाईकोर्ट में लंबित है।

एचपीसीए में तो उन्‍होंने इस तरह का कांड किया ही उधर बीसीसीआई में  भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी । सुप्रीम कोर्ट ने भी इस बाबत माना है कि उन्होंने न्यायलय में गलत तथ्य रख कर न्यायलय को गुमराह करने की कोशिश की है।
सी पी आई एम् मानती है कि खेल को राजनीती से अलग होना चाहिए और इस संघ को लोकतान्त्रिक तरीके से चुने सदस्यों द्वारा की चलाया जाना चाहिए। खेल संघ को पूर्व व मौजूदा खिलाडि़यों की ओर से चलाया जाना चाहिए ।इसके अलावा बीसीसीआई व एचपीसीसी जैसे संघों को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत लाया जाना चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रही ।