शिमला।कभी सोलन से भाजपा के फायरब्रांड नेता महेंद्र नाथ सोफ्त अपने राजनीतिक दुश्‍मन व पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से 14 अगस्‍त को यारी कर गए हिमाचल लोकहित पार्टी के प्रमुख महेश्‍वर सिंह पर सोशल मीडिया  पर बरसे हैं। सोफ्त को  भाजपा के वरिष्‍ठ नेता व शांता कुमार का करीबी माना जाता रहा है। ये अलग बात है कि शांता कुमार इनक मदद न कर पाए हो।

 

सोफ्त को महेश्‍वर सिंह का भाजपा में जाना बुरी तरह से अखरा है। उन्‍होंने प्रदेश की जनता को याद  दिलाया कि ये वही महेश्‍वर सिंह जिन्‍होंने 2012 में  विधानसभा चुनावोंं से पहले तब कि  धूमल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था।महेश्‍वर सिंह ने  तब धूमल पर राज्‍य में भ्रष्‍टाचार को संरक्षण  देने का संगीन आरोप लगाया था  और तब के भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष व अब मोदी सरकार  में मंत्री नीतिन गडकरी को धूमल के खिलाफ 125 आरोपोंं की चार्जशीट सौंपी थी।चार्जशीट उन्‍होंने बतौर भ्रष्‍टाचाार मुक्ति मोर्चा के अध्‍यक्ष सौंपी थे। अब वो आरोप कहां गए।

जब प्रदेश में उन्‍होंने हिलोपा  के गठन का ण्‍लान किया था तो कहा था कि वो इस पार्टी को इसलिए गठित कर रही है ताकि भाजपा सता में न आए और अब ये दावा कर रहे है कि वो भाजपा में पार्टी का विलय इसलिए कर रहे हैं ताकि कांग्रेस सता में न आए।सोफ्त ने कहा कि महेश्‍वर सिंह हिमाचल की जनता को अपने राजनीतिक हितोंकी खातिर मूर्ख बना रहे है।उन्‍होंने महेश्‍वर सिंह पर एक और इलजाम लगाया कि उन्‍होंने अपने साथीी नेताओं काइस्‍तेमाल किया औा अब उन्‍हें फेंक दिया। उन्‍होंने कहा कि जनता सब कुछ समझती हैं और  सही समय पर  जवाब भी देगी।

याद रहेंं कि सोफ्त को 1998 से 2003 के बीच की धूमल सरकार के वक्‍त  भाजपा का टिकट नहीं दिया था जबकि सोफ्त ने सुप्रीम कोर्ट से चुनाव याचिका जीती थी। भाजपा ने तब  राजीब बिंदल को टिकट दिया और धूमल ने महेंद्र सिंह ठाकुर समेत सारे मंत्री बिंदल को जीताने के लिए चुनाव प्रचार में झोंक दिए थे तब से लेकर अब तक सोफ्त राजनीतिक तोर पर हाशिए पर ही है।अब वो आप में जाने का विकल्‍प खोला रखे हुए है। इसके अलावा हिलोपा पर भी उन्‍होंने दावा ठाेक रखा।