नई दिल्‍ल्‍ाी/शिमला। आय से अधिक संपति व मनी लाँड्रिंग मामले में सीबीआई व ईडी के शिकंजे में फंसे मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह को दिल्‍ली हाईकोर्ट ने उनकी ओर से मांगे गए दस्‍तावेजों को मुहैया कराने के आदेश दिए है।अदालत  में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीबीआई और वित मंत्री अरुण जेटली  की ईडी वीरभद्र सिंह को दस्‍तावेज देने पर सहमत हो गई।

इससे पहले अदालत ने  पांच जनवरी को ईडी से कहा था कि वो अदालत को ये समझाए कि वीरभद्र को दस्‍तावेज क्‍यों नहीं दिए जाने चाहिए। ईडी  की ओर से आज दलीलें पेश की गई लेकिन ईडी की दलीलोें से अदालत सहमत नहीं हुई और ईडी को दस्‍तावेज देने के निर्देश दे दिए। सीबीआई पहले ही दस्‍तावेज देने को तैयार हो गई थी। आज ईडी भी दस्‍तावेज देने को सहमत हो  गई।

 

ईडी की ओर से अदालत के समक्ष पेश हुए अतिरिक्‍त सॉलिस्‍टर जनरल तुषार मेहता ने पहले वीरभद्र सिंह को दस्‍तावेज देने  का विरोध किया था।

दिल्‍ली हाईकोर्ट के जस्टिस आशुतोष कुमार ने इसके बाद वीरभद्र सिंह की याचिका को निपटा दिया।जस्टिस आशुतोष  ने कहा कि अगर दस्‍तावेज नहीं दिए गए तो उन्‍हें ट्रायल के दौरान उसके खिलाफ इस्‍तेमाल नहीं किए जा सकेंगे। इस पर ईडी ने इंफोर्समेंट केस इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट  देने को राजी  हो गए ।

सीबीआई की ओर से पेश हुए अतिरिक्‍त सॉलिस्‍टर जनरल पीएस पटवालिया  ने  अदालत में कहा कि वीरभद्र सिंह कल सीबीआई के ऑफिस से सीबीआई रेड के दौरान जब्‍त किए गए दस्‍तावेजों की प्रतियां ले जा सकते है।

इस पर अदालत ने वीरभ्‍ाद्र सिंह को व्‍यक्तिगत  तौर पर या अपने किसी प्रतिनिधि को सीबीआई ऑफिस जाकर दस्‍तावेज ले सकते है।साथ ही अदालत ने वीरभद्र सिंह से कहा कि अगर उन्‍हें लगता है कि उन्‍हें सारे दस्‍तावेज नहीं मिले तो वो सीबीआई के स्‍पेशल कोर्ट में अर्जी दायर कर दस्‍तावेज मांग सकते है।