शिमला। प्रदेश की जयराम सरकार ने कोरोना महामारी के इस वित साल में मंजूर बजट से 9125.12 करोड रुपए की ज्‍यादा रकम खर्च कर दी है।यह प्रदेश के इतिहास में अब तक की मंजूर बजट से सबसे ज्‍यादा की रकम है। इस चालू वित वर्ष के लिए मुख्‍यमंत्री ने 49131 करोड रुपए का बजट मंजूर किया था लेकिन खर्च 58256 करोड रुपए कर दिए गए है। याद रहे पिछले वित वर्ष में भी जयराम सरकार ने 6736.56 करोड की अनुपूरक अनुदान मांगें मंजूर की थी।
मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज प्रश्‍नकाल के बाद सदन में 2020-2021 की अनुपूरक अनुदान मांगे पेश की। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि इस रकम में से 8448.17 करोड रुपयों की रकम गैर योजना और दायित्‍वों पर खर्च की गई है जबकि 280.84 करोड रुपए योजना गत स्‍कीमों औा 396.11 करोड रुपए की रकम केंद्रीय प्रायोजित स्‍कीमों पर खर्च हुई है।

गैर योजना खर्च का ब्‍योरा देते हुए मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वेतन ,मजदूरी व अन्‍य अग्रिमों के लिए 7999.57 करोड खर्च किए गए है। उन्‍होंने कहा कि यह लघु अवधि की सुविधा है वह इसकी ब्‍याज दर बाजार कर्जों पर देय ब्‍याज दर से काफी कम होती है।उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस साल इस सुविधा राशि को 550 करोड से 880 करोड रुपए कर दिया ।
मुख्‍यमंत्री ने माना कि कोविड की वजह से राज्‍य की राजस्‍व प्राप्तियां प्रभावित हुई थी व सरकार के प्रतिब8 दायित्‍व को सुनिश्चित करना जरूरी था। इस दौरान प्रदेश के हर वर्ग को राहत प्रदान की गइ्र। मुख्‍यमंत्री ने दावा किया कि अब हम आर्थिक मंदी से बाहर निकलने लगे है।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कोविड की वजह से हिमाचल परिवहन निगम और प्रदेश पर्यटन निगम की आय बिलकुल समापत हो गई थी।

सरकार ने परिवहन निगम को 258.76 करोड का अनुदाम दिया जबकि 57.64 करोड रुपए पुलो के निर्माण व ब्‍लैक स्‍पाट को दुरुस्‍त करने पर खर्च किए गए।इस दौरान उन्‍होंने अन्‍य खर्च भी गिने ।

आहखिर में उन्‍होंने इन अनुपूरक अनुदान मांगों को पारित करने की सिफारिश की व विपक्ष की गैर मौजूदगी में सदन ने इन अनुपूरक मांगों को पारित कर दिया।