शिमला।प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार  की ओर से पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमारधूमल व उनके परिवार की ओर से एकत्रित की गई संपति की जांच के लिए बनाई एसआइटी ने लोकसभा  के डीजी,बीसीसीआई और पंजाब सरकार को चिटिठयां लिख कर जानकारी मांगी है।

एसआईटी ने धूमल के अलावा अनुराग  पर भी फोक्‍स किया है  और लोकसभा सचिवालय से सांसद अनुराग को वेतन भते समेत कर्ज यदि कोई है का ,पूरा ब्‍योरा मुहैया कराने  का आग्रह किया  है। इसके अलावा  बीसीसीआई से  अनुराग ठाकुर को हुए सारे भुगतान का ब्‍योरा मांगा है। एसआईटी ने पंजाब की बादल सरकार  को भी धूमल की पंजाब में सपंतियों का ब्‍योरा मांगा है।

सरकार में भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक पंजाब सरकार व लोक सभा सचिवालय को सरकार के अतिरिक्‍त मुख्‍य  सचिव की ओर से चिट्ठी गई है। जबकि बीसीसीआई को सतर्कता विभग में आई जी एपी सिंह ने चिट्ठी लिखी है। वीरभद्र सिंह सरकार के आला अफसरों की माने तो अभी तक कहीं से भी कोई जानकारी नहीं आई है।

गौरतलब हो कि वीरभद्र सिंह सरकार ने धूमल परिवार की संपतियों की जांच करने के लिए एक एसआईटी  की गठन किया था। सरकार को धर्मशाला के एक वकील विनय शर्मा ने धूमल परिवार की संपतियों की जांच कराने की मांग की थी। ये शिकायत एक लंबे अरसे तक  सरकार की फाइलों में दबी रही। लेकिन जब मोदी सरकार की सीबीआई ने वीरभद्र सिंह पर भ्रष्‍टाचार को लेकर शिकंजा कसा तो उन्‍होंने विनय शर्मा की इस शिकायत को विजीलेंस को भेज दिया।

अब विजीलेंस ने ये चिटिठयां लिख दी है।हालांकि विजीलेंस की इन चिटिठयों , और जांच की रणनीति पर सवाल एठाए जा रहे है कि ये सब धूमल व उनके परिवार को क्‍लीन चिट देने का हिस्‍सा है।

 

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