शिमला।   देश के कानूनों  से ज्यादा उदार  विवाह व तलाक  के  स्थानीय नियमों पर आधारित हिमाचली फ ीचर फिल्म बेलासरु की स्क्रनिंग के साथ दो दिवसीय शिमला फिल्म फेस्टिवल  का आगाज हो गया।

फिल्म प्रोफेसर जय गुप्ता ने बनाई है। इस मौके पर प्रोफेसर गुप्ता ने कहा कि हिमाचली फिल्म मेकर आज संघर्ष के दौर से गुजर रहे है। और फिल्म उदयोग को हिमाचल में अपनी जड़े जमानी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फिल्म फेस्टिवल लगातार होने चाहिए।
इसके अलावा हिमाचली  कामेडी  फिल्म बुढ़ा पहाड़ का और दिल च बसया कोई •ाी फेस्टिवल में स्क्रीन की जाएगी।

दिल च बसया में दर्शया गया है कि दुनिया में केवल प्रे म की जीत होती है। फेस्टिवल में  स्क्रीन की जाने वाली 34  फिल्मों में से 18 हिमाचलियों ने बनाई है। इनमें तीन फीचर, 3 शार्ट, 6 डाक्यूमेंटरी,4 म्यूजिक वीडियो और विज्ञापन फिल्में  शामिल है। फेस्टिवल में मुबंई से आए अमित बवेजा की शार्टफिल्म मुक्तिबोध  को •ाी स्क्रीन किया गया । फेस्टिवल में स्पेनिश फिल्म नो ब्रैड को •ाी स्क्रीनिंग  की गई। ये फिल्म  सुपरमार्केट बिजनेस से सहमें एक 72 साल के पनसारी की  कहानी पर आधिारित है।