शिमला। पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल आज मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह  पर जम कर बरसे । उन्‍होंने  शिमला में कहा कि मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह की जेबें बहुत बड़ी है इनमें वक्‍कामूला की ओर से दिए तीन करोड़ 90 लाख रुपए आ सकते है।केंद्रीय स्‍टील मंत्री रहते हुए जो घोटाला हुआ उसका पैसा इन जेबों में आ सकता है। वहां तो सीबीआई  का छापा पड़ा था। सबको मालूम है कि वहां से क्‍या मिला था।इनकी जेबों में कुछ भी आ सकता है। धूमल यहां भाजपा के दलित मोर्चा की कार्यकारिणी  की बैठक के बाद मीडिया से रूबरू हुए। बीते रोज ऊना में कांगेस नेताओं ने कहा था कि अनुराग ठाकुर जैसे अध्‍यक्ष वीरभद्र सिंह की जेबों में पड़े रहते है।

धूमल ने वीरभद्र सिंह को अप्रत्‍यक्ष तौर पर सरकार के खतरे में होने का संकेत भी दे दिया । उन्‍होंने कहा कि ये तमाशा दो चार महीनों का है। कांग्रेस के डूबते जहाज को छोड़ने के लिए कई लोग तैयार बैठे है। उन्‍होंने कहा कि आम जनता का गुस्‍सा बड़ा खराब होता है और बड़े बड़े रजवाड़ों को उखाड़ फेंकता है।जिस तरह का ये दुर्व्‍यवहार कर रहे है उससे लगता है कि ये सरकार थोड़े दिनों की है।उन्‍होंने कहा कि ये सरकार जिस शाख पर बैठी है वो कभी भी टूट सकती है। इस रवैये को बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा।इस सरकार के प्रति जो लोगों की भावनाएं है वो ऐसी है जो जाने वाली सरकार के खिलाफ लोगों की होती है।

आज धर्मशाला में उनके बेटे  व भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर से विजीलेंस से पूछताछ की । इस पर धूमल ने कहा कि इस सरकार ने खेलों के लिए कुछ नहीं किया। जिन लोगों ने कुछ किया भी उन्‍हें अब केसों में फंसाया जा रहा है।ये अंधेरगर्दी ज्‍यादा देर नहीं चलेगी।वीरभद्र सिंह को पछताना पड़ेगा।

 

धूमल ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है तब से वो आम जनता के खिलाफ फैसले ले रहे है। किराए बढ़ा दिए है। पीडीएस की चीनी तीन महीने में एक बार मिल रही है।लोगों का ध्‍यान बंटाने के लिए राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ झूइे केस बनाए जा रहे है। कोई प्रदर्शन करता है तो केस बनता है।नारे लगाते है तो केस बनताहै।अगर कोई कर्मचारी भाजपा नेता को नमस्‍ते कर लेता है और कांग्रेसी देख ले तो उसकी बदली हो जाती है। ये नादिरशाही रवैया है।

इस मौके पर भाजपा अध्‍यक्ष सतपाल सत्‍ती ने कांग्रेस पार्टी  के शिमला में स्थित कार्यालय के अवैध होने का मसला उठाया ।उन्‍होंने कहा कि इस मसले को विधानसभा में उठाया जाएगा। सरकार दोहरा रवैया अपना रही  है।