शिमला। कांग्रेस विधायकों के संदेह दूर करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने सदन में भरोसा दिलाया कि प्रदेश में पंचायतों के चुनाव समय पर ही होंगे। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने पंचायती राज मंत्री से जानना चाहा था कि पंचायतों के चुनाव के लिए दो महीने बचे है। ऐसे […]
शिमला। कांग्रेस विधायकों के संदेह दूर करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने सदन में भरोसा दिलाया कि प्रदेश में पंचायतों के चुनाव समय पर ही होंगे। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने पंचायती राज मंत्री से जानना चाहा था कि पंचायतों के चुनाव के लिए दो महीने बचे है। ऐसे में नई पंचायतों को गठन का काम, मतदाताओं की सूची, पंचायतों की हदबंदी और आचार संहिता कब तक लग जाएगी। उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार ने पहले क्यों तैयारी नहीं की ताकि समय पर पंचायतें बन जाती। 22 जनवरी 2021 से पहले प्रधानों की शपथ हो जानी चाहिए।
प्रश्न काल के दौरान इस मसले पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायतों के गठन का काम 210 से लटका हुआ है। 2012 में जनगणना की वजह से नई पंचायतें नहीं बन पाई क्यों केंद्र सरकार के जनगणना मंत्रालय ने राजस्व इकाइयों व विकास इकाइयों को फ्रीज कर दिया था। उसके बाद 2015 में कांग्रेस सरकार थी तब भी पचायतें नहीं बनी ।
इस बार भी सरकार ने पंचायतों के गठन की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन जनगणना मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई कि कोई भी राज्य सरकार मार्च 2021 तक नई राजस्व इकाइयां और विकास इकाइयों का गठन नहीं करेगा। इन तमाम इकाइयों को फ्रीज कर दिया गया था। इसलिए ये काम बंद करना पड़ा। लेकिन बीच में कोरोना महामारी को दौर शुरू हो गया व जनगणना का काम बंद हो गया व केंद्र सरकार ने अधिसूचना वापस ले ली । इसके बाद सरकार ने सोचा कि नई पंचायतें बन सकती है इसलिए दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के चुनाव जब निर्धारित है तभी कराए जाएंगे।
पंचायती राज मंत्री ने कहा कि जहां -जहां से प्रस्ताव आए विभाग ने मापदंड के आधार न कि राजनीतिक आधार पर बनाई गई है। उन्होंने कहा कि 325 नई पंचायतें बनाई जा रही है।
