शिमला।मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्‍याशी नरेंद्र  के बारे में कहा कि वो कोई जिन्‍न या राक्षस  नहीं है जो कांग्रेस को खा जाएंगे।उन्‍होंने  कहा कि मीडिया की ओर से द्वारा उनको बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है।लेकिन वो हिमाचल में फेल रहे हैं।मोदी प्रदेश में दो बार चुनाव प्रचार कर चुके हैं, एक बार भाजपा के प्रभारी के रूप में व दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में। मीडिया  में तब भी  प्रचारित हुआ के वो एटम बम, या हाइड्रोजन बम’ साबित होंगे और कांग्रेस के चिथड़े उड़ा देंगे, मगर दोनों बार कांग्रेस जीती।

उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी को देशव्यापी चुनौती दी जा रही है, जिसका पार्टी को माकूल जबाव देना है। वीरभद्र सिंह यहां मण्डी संसदीय क्षेत्र के कांगेस कार्यकर्ताओं के अधिवेशन में बोल रहे थे।

 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर धूमल सरकार के घोटालों का भी खुलासा किया। पूर्व परिवहन मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के कार्याकाल के बस खरीद घोटाले का जिक्र उन्‍होंने  खास तौर पर किया।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश को कंगाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और पंजाब की देखा-देखी में ‘मिशन रिपिट’ करने के लिए घोषणाओं का अंबार लगा दिया । नतीजतन प्रदेश की आर्थिक स्थिति पंजाब की तरह हो गई है।

 

प्रतिभा  सिंह  मंडी  से  कांग्रेस  की प्रत्‍याशी

स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने एलान किया कि  आगामी लोकसभा चुनाव में मंडी से प्रतिभा सिंह ही कांग्रेस पार्टी  की प्रत्‍याशी होंगी।उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस का एक एक कार्यकर्ता  प्रतिभा सिंह  को दोबारा संसद में पहुंचाएगा। कार्यकर्ताओं  ने उप-चुनाव में उन्‍हें 1लाख 37,000 की लीड  दिलाई थी।कौल सिंह  ने कार्यकर्ताओं को भाजपा के दुष्‍प्रचार का हर स्तर पर प्रतिकार करने का आहवान किया।

 

इस मौके पर पार्टी अध्‍यक्ष सुखविन्द्र सिंह सुक्‍खू ने  कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में अनेक घोटाले हुए । धूमल की व्यापारिक सोच है और उन्होंने अपने व्यापारिक हितों का ही भला किया।

 

एचपीसीए को धर्मशाला में कई बीघे जमीन लीज पर दी गई, इसी प्रकार नादौन में 100 बीघा जमीन, षिमला के लालपानी स्कूल की जमीन और बिलासपुर में बीबीएमबी की जमीन क्रिकेट संस्था के नाम पर दी गई। एचपीसीए ने क्रिकेट संस्था के नाम पर लीज पर जमीने ली और फिर इसे फर्जी पते पर कानपुर में रजिस्टर करवाया और बाद में इसको चण्डीगढ़ ट्रांसपर किया जो कि हिमाचल के लोगों के साथ धोखा

है। उन्होंने कहा कि अगर एचपीसीए को कम्पनी के नाम जगह खरीदनी थी तो कम्पनी के नाम खरीदती न कि क्रिकेट संस्था के नाम लीज पर लेती। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस समूचे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

 

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