शिमला।डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के पांच पूर्व छात्रों ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। सफल उम्मीदवारों में चार पूर्व छात्रों ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड की ओर से आयोजित प्रतिस्पर्धी कृषि अनुसंधान वैज्ञानिक परीक्षा में […]
शिमला।डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के पांच पूर्व छात्रों ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।
सफल उम्मीदवारों में चार पूर्व छात्रों ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड की ओर से आयोजित प्रतिस्पर्धी कृषि अनुसंधान वैज्ञानिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की। परिणाम पिछले सप्ताह घोषित किए गए थे। एआरएस परीक्षा कृषि के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है जो पूरे भारत में आईसीएआर संस्थानों में अनुसंधान पदों के लिए वैज्ञानिकों की पहचान करने के लिए आयोजित की जाती है।
चयनित छात्रों में सिल्वीकल्चर और एग्रोफोरेस्ट्री विभाग के डॉ. प्रशांत शर्मा और डॉ. हरीश शर्मा शामिल हैं। डॉ. प्रशांत शर्मा जिन्होंने नौणी से बीएससी और एग्रोफोरेस्ट्री में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की व वर्तमान में विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।
विश्वविद्यालय से बीएससीए एमएससी और पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने वाले डा. हरीश शर्मा का भी एआरएस परीक्षा में चयन हुआ है। दोनों का चयन कृषि वानिकी विषय में हुआ है।
मृदा विज्ञान विषय में विश्वविद्यालय से मृदा विज्ञान में एमएससी और पीएचडी करने वाली डॉ मनीषा नेगी का भी चयन हुआ है।
इसके अलावा नौणी से बीएससी और फ्लोरीकल्चर में एमएससी करने वाली डॉ थानेश्वरी का चयन फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केप आर्किटेक्चर विषय में एआरएस वैज्ञानिक के रूप में हुआ है।
इसके अलावा बीएससी की पूर्व छात्रा पारुल सैनी ने हाल ही में एयर फोर्स कॉमन एंट्रन्स टेस्ट पास किया है और उनका चयन भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में हुआ है।




