शिमला/वाकनाघाट । बाहरा यूनिवर्सिटी के स्‍कूल ऑफ फार्मास्यिूटिकल  विभाग के प्रमुख मनीष शर्मा ने  लिपिड लौरिंग मौलिकुयल  पर पेटेंट का दावा ठोका है।उन्‍होंने 28 व  29 अप्रैल  को दुबई  में हुए इंटरनेशनल कांफ्रेंस एंड एक्‍सपो ऑन इंडस्ट्रियल फार्मेसी 2016 में  लिपिड लौरिंग मौलिकुयल  के  विकास  पर  शोध  पत्र पेश  किया।  मनीष शर्मा ने अपने शोध को इंडियन पेटेंट के पंजीकरण के लिए भी आवेदन किया है ।

शर्मा ने दावा किया है कि यह मौलिक्युल हाई ब्लड कोलेस्ट्रोल वाले रोगियों के लिए बहुत फायेदमदं है। स उन्होंने कहा की प्रयोगशाला में हुए विभिन परिक्षण में मौलिक्युल की जबरदस्त क्षमता कसौटी पर खरी उतरी है व इस शोध के अध्ययन में उन्हें तीन साल लगे ।

 

डा शर्मा कि इस शोध को संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, कनाडा, दक्षिण अफ्रिका, मिस्र, पोलैन्ड, तुर्की के विशेषज्ञों से सराहाना मिली और लिवर सुरक्षा प्रोफाइल एजेंट को जानने के लिए विशेषज्ञों ने दिलचस्पी भी दिखाई ।

यही  नहीं मनीष शर्मा को उनके इस अनुसंधान के निष्कर्षों पर अगस्त 2016 को आस्ट्रिया के वियाना और नवम्बर 2016 में चीन के नाजिन शहर में भाषण के लिए आमंत्रित किया गया है।

 

प्रो चांसलर बाहरा विश्वविद्यालय शिमला डॉ एस के बंसल ने डॉ मनीष शर्मा को उनके सफल अनुसंधान के लिए बधाई दी और आशा व्यक्त की कि उनके शोध से मानव जाति लाभान्वित होगी । उन्होंने कहा की डॉ शर्मा के शोध हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल के मरीजों के लिए नई व् अधिक कारगर दवाइयां बनने में कारगर सिद्ध होगी।

 

डॉ बंसल ने आशा व्यक्त की कि डॉ शर्मा के शोध बाहरा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के छात्रों के लिए भी फायदेमंद होगी जो की छात्रों को शोध व् विषय ज्ञान में डॉ मनीष शर्मा के अनुभव व् मार्गदर्शन से लाभान्वित होंगे ।