शिमला।जिला मंडी के बीती रात को हुए भूस्‍खलन में हिमाचल पथ परिवहन की दो बसों के मलबे के साथ बह जाने से 50 के करीब यात्रियों के मारे जाने की आशंका हैजबकि दर्जनों घायल हुए हैं।देर शाम को46 लाशों को निकाल जा सका था। इनमें से दो  दर्जन  की करीब  की पहचान हो गई हैं।

एक बस से तीन व दूसरी बस के 42 यात्रियों की देर शाम तक लाशें निकाली जा चुकी हैं। दो बाइकर्स की लाशें भी निकाली लगाई हैं।

मंडी पठानकोट नेश्‍नल हाइवे पर हुए इस भयंकर हादसे में यात्रियों से भरी एचआरटीसी की एक बस तो करीब एक किलोमीटर तक नीचे मलबे के साथ बहती चली गई। इसे बाद में राहत व बचाव कार्य की टीमों ने ढूंढ नि‍काला।

राहत व बचाव कार्य में सेना व एनडीआरएफ की टीम जुटी हैं। स्‍थानीय लोगों के अलावा पुलिस व होमगार्ड के जवान तो पहले से ही राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।

हादसा बीती रात को उस समय हुआ जब मंडी के कोटरूपी के समीम भारी बारिश व बादल फटने के बाद भूस्‍खलन की चपेट में एचआरटीसी की यात्रियों से भरी दो बसे आ गई। करीब दो किलामीटर तक का सड़क एरिया पूरी तरह से बह गया हैं।

इन बसों में से एक मनाली से कटड़ा व दूसरी चंबा से मनाली जा रही थी।

मनाली से कटड़ा जा रही निगम की बस के मृतकों में जोगिन्द्रनगर की 22 वर्षीय सरूचि ठाकुर, सरकाघाट की 20 वर्षीय नेहा और पधर का विनोद कुमार शामिल हैं। जबकि चंबा से मनाली जा रही बस के मृतकों में चालक चंदन शर्मा निवासी बल्ह, सुरेश कुमार पंजोटी मंडी, बाबू राम निवासी जिला उद्यमपुर जम्मू कश्मीर, पवन कुमार निवासी मनाली, खुब राम निवासी कुल्लू, करतार चंद निवासी बैजनाथ, सुभाष सिंह निवासी कठुआ जम्मू-कश्मीर सागर चंद निवाासी कठुआ जम्मू-कश्मीर, अजय निवासी कपुरथला पंजाब, मंदीप सिंह निवासी विकरानगर जम्मू-कश्मीर शामिल हैं।

उपायुक्त ने बताया कि मनाली-कटड़ा बस में सफर कर रही करसोग की मंजू (20), जोंगेंद्रनगर की अनीता (23), शिमला के शुभम (21), सुचित्रा (19) और ब्यूटी शर्मा (18) घायल हुए हैं। इनमें मंजू और ब्यूटी शर्मा को आईजीएमसी रेफर किया गया है। सुचित्रा और अनीता को मंडी जोनल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी कर दी गई है, जबकि सुभम का मंडी अस्पताल में उपचार चल रहा है।

प्रशासन और परिवहन निगम ने मंडी में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और जानकारी एकत्रित करने के लिए 01905-226201,226202,226203,235538 और 09418001051 पर संपर्क साधा जा सकता है।

इस हादसे के बाद परिवहन मंत्री जी एस बाली,राजस्‍व व स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा  के अलावा मुख्‍यमंत्री  वीरभद्र सिंह भी सड़क मार्ग से मौके पर पहुंचे व राहत कार्य का जायजा लिया।