शिमला।पंजाब के पूर्व मुख्‍यमंत्री अमरेंद्र सिंह की ओर से प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पर भ्रष्‍टाचार के लगाए आरोपों पर धूमल की ओर से किए गए आपराधिक मानहानि के मुकदमे का आज शिमला की अदालत में 11 साल  बाद  निपटारा हो गया। धूमल ने अमरेंद्र के खिलाफ किया मानहानि का दावा वापस ले लिया। चीफ ज्‍यूडिशियल मजिस्‍ट्रेट ज्‍योत्‍स्‍ना डढवाल ने धूमल के बयान के बाद मामले को वापस लेने की इजाजत दे दी।

एक अन्‍य मामले में कांग्रेस नेता मोतीलाल बोहरा व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के खिलाफ मानहानि  के मामले जारी रहेंगे।

अमरेंद्र सिंह  ने अदालत में दिए अपने ब्‍यान में कहा कि उन्‍होंने धूमल के खिलाफ व्‍यक्तिगत तौर पर भ्रष्‍टाचार के आरोप नहीं लगाए थे। धूमल सरकार  की आलोचना जरूर की थी। अमरेंद्र ने सारा ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया। उन्‍होंने कहा कि उनके बयान को मीडिया में बढ़ा चढ़ा कर पेश किया गया। अगर मीडिया में हुई गलत रिपोर्टिंग के कारण धूमल को कोई  ठेस पहुंची हो तो इसका मुझे खेद  है।बयान में  अमरेंद्र सिंह ने कहा कि उनके धूमल के साथ दोस्‍ताना रिश्‍ते है।

 

 

इस पर धूमल की ओर से अदालत में पेश हुए सतपाल जैन व हिमाचल  के पूर्व  अतिरिक्‍त महाधिवक्‍ता ने राजेंद्र डोगरा ने धूमल की ओर से अदालत में बयान दिया कि अमरेंद्र सिंह की ओर से अदालत में दिए गए ब्‍यान के बाद वो केस आगे नहीं बढ़ाना चाहते।

धूमल ने  कांग्रेस नेता मोतीलाल बोहरा और केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा  पर भी  मानहानि का मुकदमा  कर रखा है। इस मामले  की सुनवाई  भी सीजेएम  की अदालत  में हुई। धूमल ने अदालत में बयान दिया अगर ये दोनों भी अपने किए पर खेद प्रकट करते है तो इन मामलों में भी  इसी तरह का कदम उठाएंगे।

।अदालत ने मामले की आगामी सुनवाई 28 सितंबर को रखी है।

 

अमरेंद्र सिंह  ने 18 जनवरी 2003  को प्रदेश विधानसभा के चुनाव के दौरान  आयोजित कांग्रेस  की  रैली  में  धूमल  पर  भ्रष्‍टाचार करने  और करोड़ों रुपयों की संपति  अर्जित  करने के आरोप लगाए थे। रैली  में  मोती लाल  बोहरा भी  शामिल थे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा  ने जिला  सोलन के बड़ोग में  एक संवाददाता सम्‍मेलन में धूमल  की  ओर से कथित तौर पर अर्जित  की  गई  करोड़ों रुपयों की संपति  की सूची जारी की  थी। कांग्रेस ने भ्रष्‍टाचार के मामले को लेकर  भाजपा पर  जमकर हमला बोला था। 2003 में भाजपा विधानसभा  का  चुनाव हार गई थी व धूमल को मुख्‍यमंत्री  का पद छोड़ना पड़ा था।धूमल ने  इन  सभी कांग्रेस  नेताओं पर  फरवरी  में  आपराधिक  मानहानि का मामला  दर्ज किया था।