शिमला। विश्‍व हिंदू परिषद  की प्रदेश में विभिन्‍न्‍ा स्‍थानों पर अप्रवासियों  की बढ़ती तादाद पर निगाह रखने की मांग के बीच मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह ने  राज्य सुरक्षा एवं सतर्कता एजेंसियों को राज्य में किसी भी प्रकार के आंतकी हमले की संभावना से निपटने, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

वीरभद्र सिंह ने पठानकोट में हाल ही के आंतकी हमले के मद्देनजर आज यहां राज्य पुलिस, सुरक्षा, सतर्कता और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य में सुरक्षा प्रबन्धों का जायजा लेने के लिये बैठक की।उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थापित चैकियों में अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है। सीमावर्ती इलाकों में आवश्यकतानुसार आधुनिक अस्त्र-शस्त्रों के साथ प्रशिक्षित कमांडों को तैनात किया गया है और यदि आवश्यकता पड़ी तो अतिरिक्त कमांडों की तैनाती की जाएगी।

उन्‍होंने कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने  व पड़ौसी राज्यों के सुरक्षा बलों के साथ तालमेल स्थापित करने के निर्देश जारी किये गए हैं ताकि स्थिति के अनुरूप तैयारियां की जा सके।
मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों को सतर्क रहने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि कोई संदिग्ध विशेषकर पुलिस , सेना की वर्दी में दिखाई दे, तो तत्काल से इसकी सूचना सुरक्षा एजेंसियों को दी जानी चाहिए। उधर,पाकिस्‍तान व मुसलमानों के खिलाफ जंग की बात करने वाले हिंदू संगठन विश्‍व हिंदू परिषद  ने सरकार को आगाह किया है कि प्रदेश के अलग अलग भागों में प्रवासियों की तादाद बढ़ी है।

साथ ही ये भी दावा किया है कि पौंग डैम व सुरक्षा के नजरिए से कई महत्‍वपूर्ण स्‍थलों परसंदिग्‍ध लोगों को रेकी करते देखा गया है। हालांकि परिषद के अध्‍यक्ष  अमनपुरी  ने ये साफ नहीं किया है कि इन्‍हें किसने देखा कब देखा व देखने के बाद देखने वालों ने क्‍या किया। पुरी ने अजीबों गरीब ये दावा किया है कि पिछले कुछ समय से प्रदेश के सीमान्त जिलों कांगड़ा, नालागढ़, पांवटा सहिब इत्यादि क्षेत्रों में बडी संख्या में इस प्रकार के संदिग्ध लोगों की घुसपैठ हुई है। लेकिन इन दावों की कहीं कोई पुष्टि नहीं हुई है।