शिमला। सुक्‍खू सरकार की ओर से नियुक्‍त किए गए छह मुख्‍य संसदीय सचिवों की नियुक्ति को असंवैधानिक ठहराने को चुनौती देने वाली हिमाचल सरकार की याचिका पर कल यानी 22 नवंबर को कांग्रेस व भाजपा के दिग्‍गज वकील सुप्रीम कोर्ट में भिड़ेंगे।

इन मुख्‍य संसदीय सचिवों में कांग्रेस विधायक  सुंदर ठाकुर,आशीष बुटेल, मोहन लाल ब्राक्‍टा, राम कुमार, किशोरी लाल और संजय अवस्‍थी शामिल है।

22 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में मुख्‍य न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति संजय खन्‍ना की पीठ में इस मामले पर सुनवाई होनी हैं। 

प्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस बिपिन चंदर नेगी ने सुक्‍खू सरकार की ओर से नियुक्‍त किए छह मुख्‍य संसदीय सचिवों की नियुक्ति को 13 नवंबर को असंवैधानिक करा दे दिया था।

इस फैसलें के 12 घंटों के भीतर हिमाचल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट ने चुनौती दे दी थी। साथ ही बीजेपी ने भी तुरंत इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में उसी दिन यानी 14 नवंबर को कैविएट दायर कर दी थी।

अब इस मामले में कल यानी 22 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इस सुनवाई पर तमाम लोगों की निगाहें लगी है।

इस मामले में बड़ा मसला ये है कि इन विधायकों की विधायकी बचेगी या नहीं । अगर कांग्रेस के इन विधायकों की विधायकी गई तो प्रदेश में दोबारा से राजनीतिक अस्थिरता का माहौल खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।