शिमला। प्रदेश विजीलेंस ने राष्‍ट्रीय अध्‍यापक शिक्षा परिषद की ओर से प्रदेश के विभिन्‍न निजी शिक्षण संस्‍थानों के निरीक्षण को लेकर भेजे दलों के चार सदस्‍यों को अलग अलग जगहों पर अलग -अलग मामलों में रिश्‍वत लेते रंगे हाथाों गिरफतार कर भ्रष्‍टाचार के बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है।
जानकारी के मुताबिक विजीलेंस को खुफिया जानकारी मिली थी कि परिषद की ओर से प्रदेश में विभिन्‍न तकनीकी और दूसरे शिक्षण संस्‍थानों जैसे बीएड , एमएड कालेजों व अन्‍य शिक्षण संस्‍थानों में आधारभूूत  ढांचे , शिक्षकों की नियुक्तियाों व अन्‍य निर्धारित मापदंडों का निरीक्षण करने लिए टीमें भेजी गई है। इन टीमों की ओर से जमकर रिश्‍वत का खेल खेला जा रहा है।

 

यह जानकारी मिलने के बाद विजीलेंस ने गग्‍गल हवाई अडडे के समीप एक होटल में छापेमारी की और वहां से टीम के दो सदस्‍यों से 11 लाख 48 हजार रुपए बरामद कर लिए और उतरप्रदेश के अलीगढ़ के संजीव कुमार और झांसी की काव्‍या दुबे नामक महिला को गिरफतार कर लिया । इन दोनों के खिलाफ भ्रष्‍टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2) के तहत धर्मशााला में मामला दर्ज किया गया है।

एसपी विजीलेंस धर्मशाला बलवीर सिंह ने कहा कि ये दोनों गग्‍गल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले थे लेकिन इनकी साढ़े बाहर बजे की उ़डान नहीं हो पाई व इन दोनों को होटल से दबोच लिया गया और इनके कमरे की तलाशी लेकर रिश्‍वत की रकम बरामद कर ली है। उन्‍होंने कहा कि यह दोनों शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। और परिषद ने इनको अपने पैनल में ले रखा है।

विजीलेंस को इसके अलावा इंदौरा में भी परिषद की दूसरी टीम की ओर से रिश्‍वत लेने की जानकारी मिली। इस बावत एक संस्‍थान ने तो शिकायत भी दी है। यह टीम क्षत्रिय कालेज आफ एजूकेशन इंदौरा का निरीक्षण करने गई थी । इस टीम में उतरप्रदेश के मेरठ की भवानी नगर की सीमा शर्मा और भोपाल के शिवाजीनगर के महेश प्रसाद जैन शमिल थे। यहां भी विजीलेंस ने छापेमारी की और इन दोनों से भी 11 लाख से ज्‍यादा की रिश्‍वत लेते हुए रंगे हाथ गिर फतार किया व यह रकम बरामद कर ली है और इन्‍हें गिरफतार कर लिया गया। एसपी बलवीर सिंह ने कहा कि इससे पहले तीन शिक्षण संस्‍थानों का निरीक्षण कर चुके थे व यह चौथा कालेज था।
खबर लिखे जाने तक इन दोनों के कमरों की तलाशी जारी थी । इन दोनों के खिलाफ भी भ्रषटाचार निरोधक अधिनियम की धरा 13(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
यह पूछे जाने पर कि क्‍या यह चारों सरकारी शिक्षण संस्‍थानों के प्राध्‍यापक है एसपी ने कहा कि अभी यह सत्‍यापित किया जाना है। चूंकि राष्‍ट्रीय अध्‍यापक शिक्षा परिषद अपने पैनल में अध्‍यापकों को नामित करती है।

उन्‍होंने कहा कि इन चारों को कल अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड मांगा जाएगा। इसके अलावा परिषद को भी जानकारी दी जाएंगी
उधर कहा जा रहा है कि रिश्‍वत खोरी का यह धंधा राष्‍ट्रीय स्‍तर का लगता है और प्रदेश में यह धंधा पहले से हो रहा होगा। परिषद की ये टीमें इन निजी शिक्षण संस्‍थानों के प्रबंधन को डराती धमकाती होगी और इनसे लाखें रुपए ऐंठ लेती होगी। समझा जा रहा है कि पूछताछ में कई कुछ सामने आएगा।