शिमला। प्रियंका  गांधी  की याचिका  पर  प्रदेश  हाईकोर्ट  की  ओर  से  दिए  आदेश  की  पालना  न  करने  पर प्रदेश हिमाचल  हाईकोर्ट  ने  प्रदेश  के  मुख्‍य  सूचना आयुक्‍त  व पूर्व  आईएएस  अफसर  भीमसेन  को  अदालत  में  व्‍यक्तिगत तौर  पर  तलब  किया  है ।  अदालत  ने  कहा  कि वो  व्‍यक्तिगत  तौर  पर  अदालत में  आएं  व बताएं  कि उनके खिलाफ अदालत के आदेशों को जानबूझ कर न मामने पर  अदालत  की अवमानना की  कार्यवाही शुरू क्‍यों न  की  जाए।ये आदेश  हाईकोर्ट  के जस्टिस  धर्मचंद  चौधरी व जस्टिस पीएस राणा ने  आज शुक्रवारको  दिए। अदालत ने  पिछली सुनवाई पर  भीम सेन  को  अदालत में व्‍यक्तिगत तौर  पर  हाजिर  रहने के निर्देश  दिए  थे। लेकिन  वो  आज  अदलत  में  हाजिर नहीं हुए।

उनकी तरफ से हाजिरी से  छूट  की  अर्जी दाखिल की  गई जिसे  अदालत ने मंजूर कर  लिया।साथ  ही  अदालत  ने निर्देश  दिए  कि  वो आगामी  सुनवाई  पर  अदालत  में  मौजूद  रहे ।

पिछले सुनवाई को अदालत ने प्रदेशके मुख्‍य सूचना अायुक्‍त भीम सेन व सूचना आयुक्‍त के डी बातिश को अदालत में तलब  किया था।बातिश  अदालत में हाजिर हुए और उन्‍होंने जवाब दायर करने के लिए अदालत से दो सप्‍ताह का समय मांगा।ये आदेश प्रयंका गांधी की ओर  से दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए दिए गए।

इन दोनों  के खिलाफ इल्‍जाम था  कि  इन दोनों अदालत की ओर से दिए आदेश   कीजानबूझ कर अवहेलना की है।प्रदेश हाईकोर्ट ने आरटीआई एक्टिविस्‍ट की ओर से प्रियंका गांधी के छराबड़ा के समीप बन रहे बंगले  व उसकेलिए खरीदीगई जमीन से संबधित जानकारी मांगी थी। सूचना आयोगने डीसी शिमला को आदेश दिए थे किवो  आरटीआई कार्यकर्ता को ये जानकारी तुरत मुहैया कराए। इस पर प्रियंका गांधी की याचिका पर  प्रदेश हाईकोर्ट ने सूचना आयोग के आदेश के कार्यान्‍वयन व संचालन पर स्‍टे दे दिया था।

बावजूद हाईकोर्ट के आदेशों के सूचना आयोग ने इस मामले में कार्यवाही  आगे चलाई और डीसी शिमला,एडीएम शिमलाव तहसीलदार  ग्रामीण से 20 अगस्‍त 2015 को रिकार्ड सम्‍मन कर लिया। अदालत ने इसे अवमानना करार दिया है।