शिमला। विधानसभा स्‍पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने दो जुलाई को विधान परिसर में प्रदेश के पहले मुख्‍यमंत्री वाई एस परमार के नाम  की पटिटका के उखाड़ने के पीछे साजिश होने से इंकार नहीं किया है। उन्‍होंने कहा कि विधानसभा  में ई विधान प्रोजेक्‍ट से कुछ लोग खुश नहीं  है। उन्‍हें लगता है कि ई विधान सुप्रीम  हो गई है।  उन्‍होंने कहा कि अगर किसी को तकलीफ है तो वो सामने आए।इस तरह की हरकतें नहीं करनी चाहिए।उन्‍होंने इस पूरे मामले की जांच के आदेश  दे दिए है व एलान किया कि अगर कोई साजिश हुई  तो किसी को बख्‍शा नहीं जाएगा। यही नहीं इस पूरे कांड से पर्दा उठाने के लिए विधानसभा प्रशासन  ने सीसीटीवी  फुटेज  खंगालने का काम भी शुरू कर दिया है। पटिटका के उखड़ने पर हुए विवाद पर सफाई देने के लिए  उन्‍होंने आज बाकायदा संवाददाता सम्‍मेलन कर डाला।

उन्‍होंने कहा कि जिस दिन ये पटिटका उखड़ कर गिरी उस दिन विधानसभा में उनका कोई प्रोग्राम नहीं था। सरकार के आईटी विभाग ने मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया  के कार्यक्रम को शुरू  करने के लिए विधानसभा में प्रोग्राम रखा  गया था ।उनका प्रोग्राम नहीं था। उस दिन सरकार के आईटी विभागने  साज सज्‍जा करने  के लिए  किसी को ठेका दिया था। हो सकता  हो किसी की गलती से ये पटिटका काम करते हुए टूट  गई हो।

उन्‍होंने कहा कि तथ्‍यों को सत्‍यापित किए बगैार  किसी का नाम नहींलेना चाहिए। दो जुलाई को जिस  दिन ये पटिटका उखड़ी पाई गई थी उस दिन हिलोपा  के विधायक महेश्‍वर सिंह,भाजपा के विधायक जयराम ठाकुर,गोबिंद शर्मा,सुरेश भारदवाज और  कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने विधानसभा परिसर में ये कहते हुए धरना दे दिया था  कि प्रदेश के निर्माता परमार की पटिटका का  इस तरह तोड़ना और उनका अपमान करना है। ये विधानसभा व इसके सदस्‍यों की गरिमा के खिलाफ है।  इसके बाद मीडिया में विधानसभा के ई विधान प्रोजेक्‍ट प्रमुख धर्मेश शर्मा  को इसके लिए जिम्‍मेदार ठहराया गया था। हिलोपा विधायक महेश्‍वर सिंह ने मीडिया को जारी बयान में कहा था  कि विधायकों का आरोप  है  कि निदेशक आई टी धर्मेश कुमार ने अपना नाम चमकाने के लिए हिमाचल निर्माता डा परमार को भी नहीं बख्शा।

 

स्‍पीकर  बुटेल ने कहा कि उनका  इस प्रोग्राम से धर्मेश कुमार का कोई  लेना देना नहीं है उनका नाम घसीटने की वो निंदा करते है। ये पूछने पर  कि क्‍या ये  महेश्‍वर सिंह की साजिश हो सकती है। स्‍पीकर बुटेल ने कहा कि उनकी साजिश तो नहीं पर उन्‍हें गलत फहमी तो हो सकती है। विधायकों  को सत्‍यापित करना चाहिए था। उन्‍होंने मीडिया से भी आग्रह  किया कि वो तथ्‍यों को सत्‍यापित किया करें।

बुटेल ने कहा कि परमार की  वजह से हिमाचल है  वो उनकी गरिमा व सम्‍मान को कैसे ठेस पहुंचा सकते है।उन्‍होंने कहा  कि विधानसभा  प्रशासन की ओर से कोई चूक हुई होगी तो उसकी भी जांच होगी। 11 बजे तक कूड़ा नहीं उठाया गया था। हम कार्रवाई करेंगे। लेकिन उन्‍हें किसी ने बताया कि सफाई  कर्मचारी को किसी ने कूड़ा उठाने से इंकार किया था। ये सब जांच के बाद पता चलेगा।

दो जुलाई को  इस पटिटका के टूटे होने पर आशा कुमारी, बलदेव तोमर, सुरेश भारद्वाज, जयराम ठाकुर, विक्रम कपूर, रिखीराम कौंडल, करनेश जंग, गोविन्द राम शर्मा विनोद कुमार व अन्य विधायकों ने धरना दिया व इसका विरोध किया था।