शिमला। मंडी संसदीय हलके से भाजपा प्रत्‍याशी कंगणा रणौत ने सुक्‍खू सरकार में मंत्री व हालीलाज कांग्रेस के युवराज विक्रमादित्‍य सिंह को छोटा पप्‍पू कर घायल करने की कोशिश की वहीं विक्रमादित्‍य सिंह ने कंगणा की ओर ‘बड़ी बहन’संबोधन का तीर फेंक दिया हैं। कंगणा को ‘बड़ी बहन’ कह कर उन्‍होंने  कंगणा को राजनीतिक व वाक विदया के जरिए फंसा भी दिया हैं।विक्रमादित्‍य सिंह ने कहा कि वह कंगणा का बड़ा सम्‍मान करते हैं। 

[embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=yON5jpEylvI[/embedyt]

 

चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल के लंबे अरसे तक प्रभारी रहे थे तो यहां की जनता  उनकी राजनीतिक व रणनीतिक पैंतरेबाजियों से वाकिफ हैं। भाजपा की रणनीतियां विरोधियों को इसी तरह के हमले कर चित करने की रही हैं लेकिन 2022 के विधानसभा उपचुनावों यहां की जनता भाजपा व प्रधानमंत्री मोदी व शाह-नडडा की जोड़ी की राजनीति को नकार चुकी हैं।

विक्रमादित्‍य सिंह ने भाजपा व कंगणा की रणनीति को समझा व उनकी भाषा व शैली पर ही सवाल उठा दिए हैं। उन्‍होंने खुद इस बावत सोशल मीडिया में वीडियो जारी किया।साथ ही कहा कि अगर वह ऐसी  ही शब्‍दावली इस्‍तेमाल करती रहे तो वह उनके आभारी रहेंगे।

उन्‍होंने कंगणा को चुनौती भी दे डाली की वह मंडी, मनाली के विकास  को लेकर उनका क्‍या विजन है उन मुददों पर बात करे। उन्‍होंने आपदा के दौरान मनाली व मंडी के लिए क्‍या किया इसका लेखा जोखा कंगणा से मांग लिया।

राजनीतिक विश्‍लेषकों का मानना है कि कंगणा की बयानबाजी अगर नपी तुली न रही तो कांग्रेस उनको चने चबा देगी व उनकी जीत जो अभी संभव लग रही हैं वो हार में पलट देंगी। कांग्रेस पार्टी ने पहले ही उनके बयानों से कैसे निपटना हैं इसे लेकर पूरा खाका तैयार कर रखा हैं। ये बात पूर्व मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर अच्‍छी तरह से जानते है कि अगर गलत शब्‍दावली इस्‍तेमाल हुई तो नैया डूबते देर नहीं लगेगी। बहरहाल अब प्रदेश की राजनीति आने वाले दिनों में दिलचस्‍प होने वाली हैं।