शिमला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के लिए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी राज्यों को कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हिमाचल प्रदेश की इस पहल का अनुसरण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान से प्रदेश के लोगों में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के लक्षणों की स्क्रीनिंग करने में सहायता मिली है। उन्होंने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज वीडियो कांफ्रेंस की अध्यक्षता करते यह बात कही।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रधानमंत्री से भविष्य में उत्पन्न होनी वाली किसी भी स्थति से निपटने के लिए पर्याप्त वेंटिलेटर्ज उपलब्ध करवाने की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश की फार्मास्यूटिकल इकाइयों में निर्माण शुरू हो गया है व देश और विश्व को आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 80 फीस फार्मास्यूटिकल कंपनियां सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योग क्षेत्र में हैं। इसलिए केंद्र सरकार को रसायन व कच्चे माल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में आर्थिक गतिविधियों को पुनः आरंभ करने के लिए एक टास्क फोर्स गठित की है।
पिछले पांच दिनों में एक भी मामला नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 40 व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव हैं, जिनमें से 25 व्यक्ति नेगेटिव पाए जाने के बाद स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। इसके अतिरिक्त चार व्यक्ति प्रदेश से बाहर उपचाराधीन है व एक व्यक्ति का देहांत हो चुका है। उन्होंने कहा कि शेष 10 व्यक्ति प्रदेश के अस्पतालों में उपचाराधीन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी भाग में पिछले पांच दिनों में कोरोना वायरस का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। प्रदेश में 19 मार्च को कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के छह जिले ग्रीन जोन में हैं व इन जिलों में एक भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत पूर्ण बंदी जारी रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्यों को आर्थिक गतिविधियां आरम्भ करने विशेषकर ग्रीन जोन में आने वाले क्षेत्रों में गतिविधियां चलाने की स्वीकृति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाईंडिंग अभियान एक विशेष अभियान है, जिसके तहत 70 लाख लोगों की इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के लिए 16 हजार कर्मचारियों के दल की ओर से जांच की जा चुकी है, जिसमें आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पैरा मेडिकल स्टाफ व पुलिस कर्मचारी शामिल हैं। सभी इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी से ग्रस्त रोगियों की कोरोना जांच की जा रही है।
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