शिमला।प्रदेश की वीरभद्र सिंह केबिनेट के नबंर दो मंत्री कौल सिंह  के राजनीतिक कैरियर पर ग्रहण लगाने वाली  सीडी कांड पर  केबिनेट मंत्री जीएस बाली ने  कौल सिंह  को अजीब सलाह दीहै। बाली ने राजधानी में आयोजित एक संवाददाता सम्‍मेलन में कहा कि कौल सिंह को सीडी पर मिटटी डाल देनी चाहिए।केबिनेट मंत्री की ओर से इस तरह की सलाह देने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।बाली ने कहा कि इस तरह की सीडी तो निकलती ही रहती है। उन्‍होंने मोदी के दुश्‍मन नंबर एक संजय जोशी से लेकर वीरभद्र सिंह की सीडी कांड गिना दिए।

जब पत्रकारों  ने उनसे पूछा कि  आपकी भी कोई सीडी है तो वो बोले की जो भी चलाएगा या लिखेगा उसके  खिलाफ को मुकदमा ठाेक देंगे। लेकिन उन्‍होंने कौल सिंह को ये सलाह नहीं दी।कौल सिंह ने इस मामले में कोई मुकदमा दायर नहीं किया है।

पीजीआई में पिछले दिनों दाखिल हुए कौल सिंह से वीरभद्र सिंह व बाली ने मुलाकात की थी।प्रदेश की जनता को बाली ये संदेश देते रहे है कि वो वीरभद्र सिंह  से लोहा लेने वालों में से सबसे आगे  है लेकिन सीडी कांड  के बाद कौल सिंह  की ओर से वीरभद्र सिंह के खिलाफ विद्रोह का बिगुल बजा देने के बाद वो वीरभद्रसिंह के साथ हो गए व पीजीआई तक जा आए।

सीडी कांड पर अभी तक कोई जांच नहीं हुई है न ही कुछ सामने आया है।ऐसे में बाली का ये कहना कि कौल सिंह को सीडी पर  मिटटी डाल देनी चाहिए कई सवाल खड़े करती है।आखिर सीडी  पर मिटटी क्‍यों डाल देनी चाहिए। केबिनेट मंत्री ऐसा क्‍यों चाहते है। इस कांड की जांच क्‍यों नहीं होनी चाहिए।

क्‍या ये पुलिस और प्रशासन को कोई संदेश है या भीतर कोई और खेल चल रहा है। बाली भी सीएम की रेस में है। उन्‍हें कौल  सिंह ने पछाड़ रखा था।लेकिन सीडी आने के बाद कौल सिंह इस रेस खुद पिछड़ गए। अब बाली उन्‍हें  अजीब सलाह दे रहे है। हिमाचल प्रदेश में सोनिया गांधी के इन वफादारों  की इस तरह की हरकतें कांग्रेस पार्टी के लिए खतरे की घंटी है।

इस सीडी कांड में सबसे ज्‍यादा चौंकाने वाली  भूमिका भाजपा की है।वो पूरी तरह से इस कांड पर खामोश हो गई है। जबकि फोन टेपिंग कांड पर सरकार पिछले अढाई साल से ज्‍यादा के समय में कुछ नहीं कर पाई है।

बाली ने संवाददाता सम्‍मेलन में दाल खरीद घोटाले  पर भी सफाई दी। ये मसला भाजपा  विधायक रणधीर शर्मा ने बीते दिनों उजागर किया था।