शिमला। कोटखाई में दसवीं की छात्रा से हुए गैंगरेप  व मर्डर  के मामले में न्‍यायिक हिरासत में आरोपी आशीष चौहान की जमानत याचिका को हिमाचल सीबीआई की विरोध के बीच हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस संजय करोल की पीठ को भेज दिया हैं।

आरोपी आशीष चौहान  की ओर से वकील नरेश्‍वर चंदेल ने जस्टिस सी बी बारोवालिया की एकल पीठ में जमानत याचिका दायर की थी। जिसका सीबीआई के वकील अंशुल बंसल ने विरोध किया।

अंशुल बंसल ने दलीलें  दी कि इस मामले की जांच की मॉनि‍टरिंग खुद चीफ जस्टिस कर रहे हैं व जांच चल रही हैं। ऐसे में केस से जुडें तथ्‍यों को ओपन करना सही नहीं होगा।

इस पर जस्टिस बारोवालिया ने जमानत याचिका को चीफ जस्टिस को भेज दिया। अब ये चीफ जस्टिस की अदालत तय करेगी कि याचिका किस पीठ में लगानी हैं।

गौरतलब हो कि आशीष चौहान को वीरभद्र सिंह सरकार की ओर से गठित एसआईटी ने अरेसट किया था  लेकिन साथ ही कहा था कि वो गैंगरेप में  शामिल नहीं था। जब मामला सीबीआई के पास पहुंचा तो आरोपी  अशीष समेत सभी ओरापियों को सीबीआई ने भी रिमांड पर लिया था।  बाद में ये सारे आरोपी न्‍यायिक हिरासत में भेज दिए गए थे। आशीष चौहान रसूखदार परिवार से हैं।जबकि बाकी के आरोपी जिनमें राजू जिस पर पुलिस लॉकअप में दूसरे आरोपी सूरज के कत्‍ल का इल्‍जाम पुलिस ने लगाया हैं,रामजस,सुरत सिंह आदि सभी न्‍यायिक हिरासत में हैं।

सीबीआई को आशंका हैं कि जमानत याचि桉ఀका पर सुनवाई होने से केस से जुड़े तथ्‍य बाहर आ सकते हैं जिनका आरोपी फायदा उठा सकते हैं व जांच प्रभावित होगी।

सीबीआई ने इस मामले में पहले हिरासत में लिए गए ईशान, हैप्‍पी व बाकियों के घरों में सर्च की हैं। दर्जनों लोगों से पूछताछ जारी हैं।इसके अलावा फारेसिंक की रिपोर्ट भी एक दो दिन में आने की संभावना हैं। सीबीआई ने न्‍यायिक हिरासत में सभी  आरोपियों की ब्रेन मैपिंग की अर्जी भी सीबीआई अदालत में दायर की हैं।

उधर, पुलिस लॉकअप में कत्‍ल किए गए सूरज के मामले में एसआईटी के सदस्‍यों की ओर से दायर किए जाने व्‍यक्तिगत शपथपत्र अभी अदालत में जमा नहीं नहीं गए हैं। ये शपथपत्र वीरवार तक जमा किए जाने हैं।ये शपथपत्र अदालत में सील्‍ड कवर में जमा कराए जाने हैं।