शिमला। सुंदरनगर के सलापड़ जहरीली शराब मामले में प्रदेश में सियासत शुरू हो गई और सुंदरनगर हलके से भाजपा विधायक और पार्टी प्रदेश महासचिव त्रिलोक जम्वाल ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस को निशाने पर ले लिया है जबकि कांग्रेस ने जयराम सरकार की एसआइटी को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। उधर वामपंथी पार्टी ने माकपा […]
शिमला। सुंदरनगर के सलापड़ जहरीली शराब मामले में प्रदेश में सियासत शुरू हो गई और सुंदरनगर हलके से भाजपा विधायक और पार्टी प्रदेश महासचिव त्रिलोक जम्वाल ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस को निशाने पर ले लिया है जबकि कांग्रेस ने जयराम सरकार की एसआइटी को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। उधर वामपंथी पार्टी ने माकपा ने इस अवैध धंधे का भंडा फूटने का तो स्वागत किया है लेकिन सवाल पूछा है कि यह धंधा अब तक किस के बलबूते पर फलता फूलता रहा है।
भाजपा के महासचिव जम्वाल ने कहा की कांग्रेस के नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री नकली शराब मामले में जिस प्रकार से सरकार पर आरोप लगा रहे है वह दुर्भाग्यपूर्ण है, उन्हें पुलिस प्रशासन की रिपोर्ट का इंतज़ार करना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच पड़ताल में यह निकल कर आया है कि कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के तार नकली एवं अवैध शराब के कारोबार से जुड़े है। हालांकि उन्होंने किसी कांग्रेसी नेता का नाम नहीं लिया है। उन्होंने इल्जाम लगाया कि कांग्रेस के नेता अपने काले कारनामों को छुपाने के लिए सरकार पर तत्यहीन बयानबाज़ी कर रहे है।
जम्वाल ने कहा की अवैध काम करना कांग्रेस की फितरत है और कांग्रेस सीधे रूप से अवैध कामों से जुड़ी हुई है। यह साफ है कि माफिया के संरक्षक खुद सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे है। जम्वाल ने कहा कि यह केवल प्रदेश सरकार का दम था कि 72 घण्टे के भीतर इस मामले को सुलझा दिया गया है, कोई और सरकार होती तो इस मामले को उलझा देती।उन्होंने कहा की अवैध शराब का व्यापार कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश में फैला था, यह जगजाहिर है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के हमीरपुर ज़िला महासचिव खुद नकली शराब के साथ पकड़े गए हैं और उनके होटल से भारी मात्रा में नकली शराब बरामद हुई है , यह शराब उसी ब्रांड की थी जिसकी वजह से सुंदरनगर में मासूमों की जान गई है।
उन्होंने कहा की नकली शराब मामले में पकड़े गया शख्स कांग्रेस नेता मुकेश अग्निहोत्री, कौल सिंह, इंद्र दत्त लखनपाल, आशा कुमारी के साथ मंच सांझा कर चुके है और कांग्रेस नेताओं के साथ सभी जगह उपस्थित रहते है।इस प्रकरण में कांग्रेस नेताओं के तार सीधा सीधा अवैध शराब मामले से जुड़े पाए गए है।
उन्होंने कहा की कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है और घोटालों की मास्टरमाइंड है । शराब , भू , रेत एवं खनन माफ़िया उनके संरक्षण में हमेशा पनपता रहा और फलफूलता रहा ,कांग्रेस की इस प्रवृत्ति से हम सब वाकिफ है।
उधर,प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता नरेश चौहान ने जहरीली शराब मामलें की पूरी जांच किसी मौजूदा न्यायाधीश से करवाने की मांग की है।उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार इस घटना में संलिप्त अपने लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है।
चौहान ने कहा कि अवैध नशे का कारोबार जिस तेजी से प्रदेश में फैल रहा है वह बहुत ही दुखदाई है।उन्होंने कहा कि इसके लिये सरकार पूरी तरह दोषी है।सरकार की शासकीय व्यवस्था पूरी तरह चरमरा कर रह गई है।शराब माफिया हो या अवैध खनन माफिया किसी को भी कानून का कोई ख़ौफ़ नही है क्योंकि इन्हें सरकार का सरंक्षण है।
नरेश चौहान ने सलापड़ में जहरीली शराब के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है।उन्होंने कहा है कि सीमाओं पर कड़ी चौकसी करने की जरूरत है जिससे किसी भी प्रकार के अबैध नशे की तस्करी पर अकुंश लग सके।उन्होंने कहा कि मंडी जिला मुख्यमंत्री का गृह जिला है और जब उनके जिले में ही अवैध नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है तो प्रदेश के अन्य जिलों का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
