शिमला। भारत संचार निगम लिमिटेड  दुनियां की आधुनिकतम प्रोद्योगिकी नेक्‍स्‍ट जनरेशन नेटवर्क का इस्‍तेमाल कर हिमाचल जैसे छोटे लेकिन पहाड़ी राज्‍य में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 3जी व 4 जी की सुविधा मुहैया कराने के काम में लग गया है।इससे लैंड लाइन व मोबाइल उपभोक्‍ताओं को  दोनों को लाभ होगा।यही नहीं वाई फाई हॉटस्‍पॉट  के जरिए 4जी की स्‍पीड  का प्रोजेक्‍ट भी हिमाचल में लागू होने जा रहा है। ये खुलासा भारत संचार निगम के जिला शिमला  के महाप्रबंधक एम सी सिंह ने मीडिया से बातचीत में किया।

उन्‍होंने  कहा कि एनजीएन दुनिया की आधुनिकतम प्रोद्योगिकी है और इससे लैंड लाइन और मोबाइल के नंबरों को इंटेग्रेटिड किया जा सकेगा।अगर लैंड लाइन पर कोई कॉल आ रही है  और आप घर से बाहर है तो आप कॉल काे मोबाइल पर ट्रांसफर कर  सकते हो। टेरिफ में कोई अंतर नहीं आएगा।ऐसे में मोबाइल पर भी रात को  मुफ्त कॉल की सुविधा  हासिल की जा सकेगी।उन्‍होंने कहा शिमला शहर में 18,500 लाइनों को एनजीएन से जोड़ा जाएगा। एनजीएन प्रोद्योगिकी को  केवल बीएसएनएल की देश में ला रहा है।

सर्दियों में प्रदेश के लोगों के लिए नेटवर्क  सुचारु रुप से मिले व सिगनल  सही रहे  इसके लिए 28 टावरों में सोलर पैनल लगा दिए गए है । डीजल स्‍टोरेज का इंतजाम किया जा रहा है। ताकि बिजली न होने पर टावर चलते रहे।  सिंह ने कहा कि सर्दी के दिनों में बाधारहित संचार सुविधा देना एक चुनौती है लेकिन पुख्‍ता  इंतजाम किए जा रहे है।उन्‍होंने कहा कि ग्रामीण  शिमला  में 93  बीटीएस है   3 जी   कर दिया गया है   व नए बीटीएस स्‍थापित किए जाएंगे। इसके अलावा शहर में सिगनल की समस्‍या से निजात दिलाने के लिए रामबाजार,समरहिल और फिंगास्‍क में नए टावर लगाए जा चुके है व इन्‍हें जल्‍द की चालू कर दिया जाएगा।इसके अलावा  शिमला ग्रामीण में घैणी,रामपुर में नरैण और स्‍पीति में माने में मोबाइल टावर दिसंबर महीने में चालू कर दिए जाएंगे।

सिंह ने कहा कि ब्राड बैंड की स्‍पीड  को 512केबीपीएस से 2एमबीपीएस कर दिया गया है।उन्‍होंने कहा बीएसएनएल बाकी आपरेटरों  के मुकाबले सबसे सस्‍ता है। उन्‍होंने माना कि मैदानी इलाकों   के मुकाबले पहाड़ी इलाकों में सिगनल की समस्‍या से निपटना बड़ी चुनौती है।

 

फोटो कैप्‍शन- बीएसएनएल शिमला के महाप्रबंधक एमसी सिंह मीडिया से बात करते हुए।