शिमला। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अफसरों व कर्मचारियों की मुख्यमंत्री,मंत्री व सचिव तक सीधी पहुंच पर पांबदी लगा दी है।अगर ये अफसर व कर्मचारी सीधे सीएम व मुख्यसचिव तक पहुंचे तो उनके खिलाफ बोर्ड कंडक्ट रूल्ज के तहत कार्रवाई करेगा। इस तरह का सर्कुलर बोर्ड के सदस्य सचिव आईएफएस अफसर विनीत कुमार ने […]
शिमला। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अफसरों व कर्मचारियों की मुख्यमंत्री,मंत्री व सचिव तक सीधी पहुंच पर पांबदी लगा दी है।अगर ये अफसर व कर्मचारी सीधे सीएम व मुख्यसचिव तक पहुंचे तो उनके खिलाफ बोर्ड कंडक्ट रूल्ज के तहत कार्रवाई करेगा। इस तरह का सर्कुलर बोर्ड के सदस्य सचिव आईएफएस अफसर विनीत कुमार ने जारी किया है।
सदस्य सचिव ने ये सर्कुलर प्रदेश में स्थित बोर्ड के सभी कार्यालयों को भेज दिया व नोटिस बोर्ड पर चस्पाने का आदेश दिया है।सर्कुलर में सभी प्रभारियों को आदेश दिया गया है कि वो अपने मातहत सभी कर्मचारियों के संज्ञान में सर्कुलर को लाए।
विनीत कुमार ने सर्कुलर में कहा है कि ये देखने में आया है कि प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अफसर व कर्मचारी अपने सर्विस मामलों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री,मंत्री व सचिव से पत्राचार व संवाद स्थापित कर रहे है। ये कंडक्ट रूल्ज के खिलाफ है ।
उन्होंने सभी अफसरों व कर्मचारियों को सलाह दी है कि वो इस तरह की हरकतों से बाज आए। अगर किसी को कोई दुख या वेदना है तो वो प्रापर चैनल के जरिए अपनी बात पहुंचाए।सर्कुलर नबंर पीसीबी/आफिस आर्डर फाइल/08-वाल्यूम-111के तहत जारी इस सर्कुलर में इन अफसरों और कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि अगर उन्होंने
भविष्य में कंडक्ट रूल्ज की अवहेलना की तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा व उल्ंलघन करते हुए पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मसले पर बोर्ड की कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रंजीत सिंह राणा ने कहा कि कर्मचारियों को कंडक्ट रूल के मुताबिक ही चलना चाहिए।सर्कुलर बिलकुल ठीक है। उन्होंने कहा सदस्य सचिव नए आए है उनके साथ यूनियन की बैठक नहीं हुई है।अगर किसी की सुनवाई नहीं होगी तो वह सीएम व मंत्री के पास जाएगा ही।
बोर्ड की अफसर एसोसिएशन के अध्यक्ष एस के शांडिल ने कहा कि इस तरह के सर्कुलर निकलते रहते है। इससे ज्यादा फर्क पड़ने वाला नहीं है।लोग सीएम व मंत्री के पास तो जाते ही है।